नयी दिल्ली, 18 मई (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारत के पहले परमाणु परीक्षण ”स्माइलिंग बुद्धा” की 52वीं वर्षगांठ पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साहसिक, सशक्त और दूरदर्शी निर्णय को याद करते हुए कहा है कि इंदिरा गांधी के इसी ऐतिहासिक फैसले ने देश को आत्मनिर्भरता, रणनीतिक क्षमता और राजनीतिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया था।
श्री खरगे ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि 52 वर्ष पहले भारत ने ”स्माइलिंग बुद्धा” कोड नाम से अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था। यह देश की वैज्ञानिक क्षमता, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक संकल्प का एक निर्णायक क्षण था, जिसे भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा, समर्पण और अथक परिश्रम ने संभव बनाया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का यह साहसिक और दूरदर्शी राजनीतिक निर्णय भारत के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने देश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और सामरिक मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी का नेतृत्व और राजनीतिक साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
गौरतलब है कि भारत ने 18 मई 1974 को राजस्थान के पोखरण में अपना पहला परमाणु परीक्षण किया था, जिसे ”स्माइलिंग बुद्धा” नाम दिया गया था।
