
इंदौर। शहर में अवैध मादक पदार्थों और हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी क्राइम ब्रांच ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है. पुलिस ने पूर्व में पकड़े गए ड्रग तस्करों की कॉल डिटेल और पूछताछ के आधार पर फरार सप्लायर को दबोच लिया है. पकड़ा गया आरोपी दूसरे राज्यों से अवैध हथियार लाकर इंदौर में खपाने का काम करता था.
डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने कुछ समय पहले सौरभ, गौरव और साहिल नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इन आरोपियों के कब्जे से लगभग 15 ग्राम अवैध मादक पदार्थ ब्राउन शुगर बरामद की गई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब डेढ़ लाख आंकी गई थी. इस मामले में पुलिस कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य सप्लायरों की तलाश कर रही थी.गिरफ्तार आरोपी साहिल के मोबाइल फोन की जांच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस को इस पूरे नेटवर्क के एक और अहम किरदार की जानकारी मिली. पूछताछ में पता चला कि विमल श्रीवास पिता निवासी परदेशीपुरा घटना के दिन से ही लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की आंख में धूल झोंक रहा था. क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी कर फरार विमल को धरदबोचा.जब क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी विमल श्रीवास की तलाशी ली, तो उसके पास से 02 अवैध पिस्टल बरामद हुईं. पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अन्य राज्यों से अवैध हथियार खरीदकर इंदौर शहर के स्थानीय अपराधियों और सप्लायरों को उपलब्ध करवाता था. पुलिस के मुताबिक, विमल पर पहले भी शहर के विभिन्न थानों में आर्म्स एक्ट के तहत कई प्रकरण दर्ज हैं.पकड़े गए आरोपी विमल श्रीवास ने केवल 10वीं कक्षा तक ही पढ़ाई की है. समाज और पुलिस की नजरों से बचने के लिए वह एक प्राइवेट जॉब करता था, जिसकी आड़ में वह हथियार और नशा तस्करी के इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा था.
