
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शनिवार को प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों और आदिवासी समाज के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार पर भय, अन्याय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश लगातार तीसरे वर्ष बुजुर्गों के लिए देश का सबसे असुरक्षित राज्य बना हुआ है।
पटवारी ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2024 के अपराध आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बुजुर्गों से जुड़े छह हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, यौन अपराध, लूट, डकैती, घरेलू हिंसा और साइबर अपराध शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में राज्य में 144 बुजुर्गों की हत्या हुई।
उन्होंने कहा कि पेंशन और संपत्ति विवादों के कारण परिवारों के भीतर ही बुजुर्गों के साथ प्रताड़ना, मारपीट और अपमान की घटनाएं बढ़ रही हैं। पटवारी ने इसे केवल कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता के क्षरण का संकेत बताया।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार से वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान चलाने की मांग की। उन्होंने सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और सामुदायिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
आदिवासी समाज के खिलाफ अत्याचारों का मुद्दा उठाते हुए पटवारी ने आरोप लगाया कि आदिवासियों के विरुद्ध अपराधों के मामले में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। उन्होंने दावा किया कि एनसीआरबी के वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में आदिवासियों के खिलाफ 3,165 मामले दर्ज हुए, जो देशभर के कुल मामलों का लगभग 32 प्रतिशत हैं।
पटवारी ने भाजपा सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ नागरिकों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने, दोषियों को त्वरित सजा दिलाने तथा पीड़ित परिवारों को न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।
