‘धर्म गार्जियन’ में जोश के साथ हिस्सा ले रहे हैं भारत और जापान के सैनिक

नयी दिल्ली 04 मार्च (वार्ता) भारत और जापान के सैनिक जापान के पूर्वी फूजी में संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्जियन’ में पूरे जोश के साथ हिस्सा लेते हुए युद्ध और संचालन अनुभवों को साझा कर रहे हैं।

सेना के अनुसार दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त अभ्यास का यह छठा संस्करण है। नौ मार्च तक चलने वाला यह अभ्यास भारत और जापान के बीच रक्षा संबंधों को मज़बूत करने के साथ साथ परस्पर तालमेल और व्यापक प्रशिक्षण गतिविधियों को बढावा देगा।

इस अभ्यास का मुख्य फ़ोकस शहरी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों पर है। दोनों देशों के सैनिक अपनी रणनीति को परिष्कृत और जटिल शहरी परिस्थितियों में संचालन क्षमता में सुधार कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त अभ्यास में सिम्युलेटिड संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान भी शामिल हैं जिन्हें वास्तविक स्थितियों के आधार प डिज़ाइन किया गया है।

जैसे-जैसे अभ्यास आगे बढ़ रहा है दोनों पक्ष सामरिक अभ्यासों की एक श्रृंखला में भाग ले रहे हैं और युद्ध के अनुभवों को साझा कर रहे हैं, परिचालन क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं और गहन सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। इन गतिविधियों को अंतर-संचालन को बढ़ावा देने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भारतीय और जापानी सेना भविष्य के शांति या मानवीय मिशनों में सहज रूप से सहयोग कर सकें।

सामरिक प्रशिक्षण से इतर धर्म गार्जियन अभ्यास भाग लेने वाले सैनिकों के बीच सांस्कृतिक समझ बनाने और सौहार्द को बढ़ावा देने पर जोर देता है। दोनों देशों के सैनिकों को अपनी-अपनी सांस्कृतिक विरासतों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला है, जिससे दोस्ती और आपसी सम्मान के बंधन को मजबूत करने में मदद मिली है। यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों सेनाओं के बीच स्थायी संबंध विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अभ्यास दोनों सेनाओं के लिए एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने का अवसर भी प्रदान करता है। इससे भविष्य के संयुक्त अभियानों में मदद मिलेगी। भारतीय और जापानी सशस्त्र बलों के बीच सहयोग न केवल उनकी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाता है बल्कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए उनकी साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।

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