नयी दिल्ली, 16 मई (वार्ता) नीट पेपर लीक विवाद के बाद चर्चा में रही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए शनिवार को दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति को मंजूरी दी।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से जारी आदेशों के अनुसार मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर इन नियुक्तियों को स्वीकृति दी है।
जारी आदेश के अनुसार भारतीय सांख्यिकी सेवा (आईएसएस) 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट को एनटीए में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस-सी एंड आईटी) 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज को भी संयुक्त सचिव बनाया गया है। दोनों अधिकारियों की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्षों अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, के लिए की गई है।
इसके अलावा भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस-आईटी) 2013 बैच के अधिकारी आकाश जैन को एनटीए में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति ‘लेटरल शिफ्ट’ के आधार पर की गई है और उनका कार्यकाल चार दिसंबर 2029 तक अथवा अगले आदेश तक रहेगा। वहीं भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा (आईए एंड एएस) 2013 बैच के अधिकारी आदित्य राजेंद्र भोजगढिया को भी संयुक्त निदेशक बनाया गया है। उनका कार्यकाल 16 मई 2028 तक अथवा अगले आदेश तक रहेगा।
गौरतलब है कि हाल में नीट परीक्षा और पेपर लीक मामलों को लेकर एनटीए पर कई सवाल उठे थे। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से की गई ये नियुक्तियां एजेंसी के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं।
