
बुधनी। ज्येष्ठ अमावस्या और शनि जयंती के दुर्लभ संयोग पर शनिवार को क्षेत्र भक्तिमय माहौल में नजर आया. 13 वर्ष बाद शनिवार के दिन शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या एक साथ पडऩे से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला. सुबह होते ही नर्मदा घाट, बरखेड़ी घाट सहित विभिन्न नर्मदा तटों पर हजारों श्रद्धालु पहुंचने लगे और मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की.
घाटों पर हर-हर नर्मदे और जय शनिदेव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा. श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद शनि मंदिरों में पहुंचकर भगवान शनिदेव का तेलाभिषेक किया तथा काले तिल, शमी पत्र और नीले पुष्प अर्पित किए. मंदिरों में दर्शन के लिए कतारें लगी रहीं. कई स्थानों पर दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, महाआरती और भंडारे आयोजित किए गए.
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार का संयोग अत्यंत शुभ माना जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन शनि आराधना, दान-पुण्य और नर्मदा स्नान करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और पितृ दोष से राहत मिलती है. इसी मान्यता के चलते श्रद्धालुओं ने गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जूते-चप्पल और तिल का दान किया.
