नोएडा मजदूर आंदोलन के सिलसिले में गिरफ्तार सत्यम वर्मा के खिलाफ एनएसए हटाने की मांग

नयी दिल्ली 16 मई (वार्ता) नागरिक अधिकार संगठन ‘जनहस्तक्षेप’ ने नोएडा में मजदूर आंदोलन से जुड़ी हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार पत्रकार व लेखक सत्यम वर्मा और आंदोलनकारी आकृति चौधरी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) लगाए जाने को निराधार व गैरकानूनी बताते हुए उनपर लगाये गये आरोपों को वापस लिए जाने की मांग की है। जनहस्तक्षेप के संयोजक विकास वाजपेयी और सहसंयोजक अनिल दुबे ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि श्री वर्मा और उनके सहयोगी राष्ट्रीय राजधानी के नोएडा और मानेसर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी लागू करने , काम की निर्धारित अवधि तय किये जाने और उनके अन्य बुनियादी अधिकारों के लिए पिछले कुछ महीनों से आंदोलन चला रहे थे। बयान में आरोप लगाया गया है कि नोएडा में उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस आंदोलन को विफल करने के लिए बर्बर कार्रवाई की और एक हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था।

उनका कहना है कि पुलिस कार्रवाई में करीब एक हजार लोग पकड़े गये थे। उनमें से अब भी करीब एक सौ लोग जेल में हैं। ‘जनहस्तक्षेप’ का कहना है कि पुलिस ने सत्यम वर्मा और आकृति चौधरी के खिलाफ एनएसए लगाए जाने के आधार की जानकारी न तो उन्हें और न ही उनके वकीलों को दी है। जनहस्तक्षेप का आरोप है कि नोएडा में श्रमिकों के अधिकार के लिए पत्रकारों और बुद्धिजीवियों के आंदोलन को फैक्टरी मालिकों व पुलिस प्रशासन के नापाक गठजोड़ के तहत कुचला गया है और इससे जुड़े लोगों पर निराधार कार्रवाई की जा रही है। संगठन ने श्री वर्मा और आकृति चौधरी के खिलाफ एनएसए के प्रावधान हटाए जाने की मांग की है आंदोलन से जुड़े अन्य मजदूरों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी सभी मामले वापस लेने की अपील की है।

Next Post

पेपर लीक के विरोध में युवा कांग्रेस ने किया धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग

Sat May 16 , 2026
नयी दिल्ली, 16 मई (वार्ता) युवा कांग्रेस ने मेडिकल प्रेवश परीक्षा नीट पेपर लीक मामले और इस वजह से तनाव में आने के कारण कथित तौर पर चार छात्रों की मौत को लेकर शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग […]

You May Like