
रीवा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाए जाने के उपलक्ष्य में जिले में कृषि एवं संबद्ध विभागों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में जिला मुख्यालय एवं समस्त विकासखंड मुख्यालयों से कृषि रथों के संचालन का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्र, पूर्व विधायक त्यौंथर श्यामलाल द्विवेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. कार्यक्रम में एवं उप संचालक कृषि यू.पी. बागरी, प्राचार्य एईटीसी कृषि वैज्ञानिक डॉ. सी.जे. सिंह, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. केवल सिंह बघेल, डॉ. स्मिता सिंह और डॉ. किंजल्क सिंह, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बी.पी.सिंह, रामजी पाण्डेय, अन्य कृषि विस्तार अधिकारी, आत्मा परियोजना के तकनीकी अधिकारी और क्षेत्र के प्रगतिशील कृषक विशेष रूप से उपस्थित रहे.
यह महत्वाकांक्षी अभियान जिले के प्रत्येक विकासखंड के अंतर्गत निर्धारित सभी ग्राम पंचायतों में पहुँचेगा. अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना और वैज्ञानिक व आधुनिक कृषि तकनीकों का धरातल पर प्रचार-प्रसार करना है. प्रतिदिन प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर तीन चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों के माध्यम से कृषकों को कृषि के साथ-साथ पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, डेयरी, कुक्कुट पालन, रेशम पालन एवं कृषि अभियांत्रिकी से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं और नवीन तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी. इस अभियान के दौरान किसानों को ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन, फसल विविधीकरण, पराली प्रबंधन तथा खरीफ पूर्व खेत समतलीकरण जैसे समसामयिक और बेहद उपयोगी विषयों पर विस्तार से जागरूक किया जाएगा. कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक और किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहकर किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों एवं विभागीय योजनाओं से अवगत कराएंगे. इसके साथ ही उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी, कुक्कुट एवं कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा भी अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी और उपयोगी सामयिक सलाह प्रदान की जाएगी.
इस वृहद कार्यक्रम के सफल और सुचारू क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी पुख्ता तैयारियां की गई हैं. इसके तहत कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अध्यक्षता में विकासखंड स्तरीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है, जो इस पूरे अभियान की निगरानी करेंगी. इस अभियान की खास बात यह भी होगी कि इसमें जिले के प्रगतिशील एवं नवाचारी कृषक खुद शामिल होकर अपने जमीनी अनुभव साझा करेंगे, ताकि अन्य साथी किसानों को भी आधुनिक खेती अपनाने की प्रेरणा मिल सके. अभियान के दौरान आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम प्रतिदिन तीन पालियों में संचालित किए जाएंगे. प्रथम पाली का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक, द्वितीय पाली का समय दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक तथा तृतीय पाली का समय शाम 4 बजे से 6 बजे तक निर्धारित किया गया है. कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों के दल द्वारा 25 मई तक पूरे जिले में इन कृषि रथों का निरंतर संचालन किया जाएगा. इस दौरान कृषि विभाग का मैदानी अमला, कृषि विस्तार अधिकारी, एटीएम, बीटीएम, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं कोटवार अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे. विभाग और प्रशासन द्वारा जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस अभियान का लाभ उठाएं और कार्यक्रम को सफल बनाएं.
