
छतरपुर। जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोराहा से दिनदहाड़े सड़क निर्माण कंपनी के सुपरवाइजर का अपहरण करने वाले चार शातिर बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सटई के जंगलों से पीड़ित को सुरक्षित मुक्त करा लिया है। यही नहीं, कोतवाली पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों का शहर के कोतवाली थाने से महल तक पैदल जुलूस भी निकाला।
10 लाख की फिरौती रकम कराई फ्रीज
कोतवाली टीआई सतीश सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बदमाशों ने वारदात के बाद पीड़ित के परिजनों से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। डर के मारे परिजनों ने राशि बदमाशों के बैंक खाते में ट्रांसफर भी कर दी थी, लेकिन पुलिस ने साइबर सेल की मदद से खाते को तत्काल होल्ड (फ्रीज) करा दिया, जिससे रकम बदमाशों के हाथ नहीं लग सकी।
सघन सर्चिंग के बाद जंगल से हुए गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी रजत सकलेचा और एएसपी आदित्य पटले के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं। सीएसपी अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने रातभर जंगलों में सर्चिंग अभियान चलाया। पुलिस का दबाव बढ़ता देख बदमाश पीड़ित को सटई के जंगलों में छोड़कर भागने की फिराक में थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी: भान सिंह, विशाल यादव, विकास यादव और अंकित यादव।
बरामदगी: वारदात में प्रयुक्त बोलेरो कार, एक 315 बोर का कट्टा, जिंदा कारतूस और पीड़ित की मोटरसाइकिल।
क्या था पूरा मामला?
मोरवा गांव में सड़क निर्माण के लिए मिट्टी उपलब्ध कराने वाली एमकेसी (MKC) कंपनी का कार्यालय है। घटना के दिन बोलेरो सवार बदमाश कार्यालय में घुसे और सुपरवाइजर राम खिलाड़ी शर्मा के साथ मारपीट कर उन्हें जबरन गाड़ी में डालकर अगवा कर ले गए थे। कंपनी के मैनेजर संजय सोढ़ी की सूचना पर पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की।
