अगरतला, 16 मई (वार्ता) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के लिए एक और भारतीय रिजर्व (आईआर) बटालियन के गठन को मंजूरी दे दी है, जिससे सुरक्षा बढ़ने के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मंत्रालय ने त्रिपुरा के मुख्य सचिव जेके सिन्हा को यह जानकारी दी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार नयी बटालियन के लिए 50 करोड़ रुपये की एकमुश्त वित्तीय मदद देते हुए जमीन की लागत को छोड़कर बुनियादी ढांचे के खर्च के लिए 30 करोड़ रुपये तक की संभावित रीइंबर्समेंट भी देगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र का बटालियन पर पहला अधिकार होगा, जिससे जरूरत पड़ने पर देश में कहीं भी तैनाती की अनुमति मिलेगी और बटालियन को उग्रवाद विरोधी गतिविधियों, आंतरिक सुरक्षा प्रबंधन और सीमा सुरक्षा जैसे काम दिए जा सकते हैं। राज्य सरकार केंद्र द्वारा किए गए तैनाती अनुरोध को मानने के लिए बाध्य है और दूसरे राज्यों में तैनाती के मामलों में उधार लेने वाला राज्य नियमित रूप से आनुपातिक खर्च उठाएगा, जब तक कि तैनाती केंद्र सरकार के निर्देश पर किसी छूट प्राप्त वाले राज्य में न हो।
उन्होंने कहा कि आईआर बटालियन को शामिल करना त्रिपुरा के सुरक्षा ढ़ांचे के लिए एक बड़ा कदम है, जो इस इलाके में लंबे समय तक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की क्षमताओं का आधुनिकीकरण करने और मजबूत करने पर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
गौरतलब है कि त्रिपुरा में वर्तमान में टीएसआर की 15 बटालियन हैं, जिसमें मौजूदा इंडिया रिजर्व बटालियन भी शामिल हैं। एक और आईआर बटालियन के जुड़ने से कानून और व्यवस्था की चुनौतियों, उग्रवाद विरोधी गतिविधियों और सीमा से जुड़ी सुरक्षा से निपटने में राज्य की कार्यात्मक क्षमता में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। प्रारंभिक वित्तीय मदद हालांकि केंद्र करेगा लेकिन त्रिपुरा सरकार बटालियन के रख-रखाव और अवसंरचना विकास के लिए सालाना खर्च और बाकी पूंजीगत व्यय के लिए जिम्मेदार होगी।
