146 कर्मचारियों का वेतन रोका, सफाई ठेकेदारों को नहीं दिया अक्टूबर माह का वेतन

जबलपुर: नगर निगम जबलपुर के करीब 2600 नियमित कर्मचारियों की सूची में से 146 कर्मचारी अभी तक सामने नहीं आए हैं कि वो कहां और किस विभाग में ड्यूटी कर रहे हैं। हैरानी की बात तो ये है कि इन 146 कर्मचारियों के नाम के बदले नगर निगम से पिछले कई सालों से वेतन भी आहरित होता रहा है। जानकारी के अनुसार इन 2600 नियमित कर्मचारियों में से सब कर्मचारियों का मिलान तो हो गया है ये 146 कर्मचारियों का गैप भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता नजर आ रहा है। इस गंभीर मामले में निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सख्त एक्शन लिया है और इन सभी 146 कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।

साथ ही नगर निगम के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी कर कहा गया है कि 7 दिन के अंदर इन कर्मचारियों को सामने लाया जाए और स्पष्ट किया जाए कि ये कर्मचारी कहां और किस विभाग में काम कर रहे हैं इसके बाद इनका वेतन भुगतान होगा नहीं तो इन सभी का वेतन भुगतान होल्ड पर ही रहेगा। इसके अलावा निगमायुक्त ने नगर निगम के सफाई ठेकेदारों के अक्टूबर माह का वेतन रोक दिया है और निर्देश देकर दो टूक कहा है कि जो सफाई कर्मचारी नियमित नहीं हैं और नगर निगम में काम पर वेतन ले रहे हैं
उनकी सूची जल्द मुहैया कराई जाए। नहीं तो ऐसे कर्मचारियों व ठेकेदारों के वेतन का कोई बिल नहीं बनेगा। निगमायुक्त के सख्त रवैये से ठेकेदारों के खेमे में हड़कंप मचा हुआ और वे भी सकते में आ गए हैं।
कभी कोई तो कभी कोई कर रहा काम
नवभारत से चर्चा के दौरान निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने स्पष्ट किया कि नगर निगम के सफाई ठेकेदारों से उनके कर्मचारियों की सूची तलब की गई है कि लेकिन वे सूची बार-बार बदल रहे हैं। हकीकत में उतना स्टाफ ठेकेदारों के पास है ही नहीं इसी कारण वो दिखा नहीं पा रहे हैं। इस मामले में लोगों की यही शिकायतें देखी गईं हैं कि कभी कोई सफाई कर्मचारी काम करता है तो कभी कोई…इसको लेकर ठेकेदारों को ये भी कहा गया है कि वे रेगुलर आने वाले कर्मचारियों की सूची मुहैया कराएं। इसको लेकर वहीं जानकारों का कहना है कि जब दाल में काला होता है तभी इस तरह की लुका-छिपी का खेल होता हे। मतलब साफ है कि ठेकेदारों द्वारा अनाप-शनाप तरीके से सफाई कर्मचारियों की सूची दिखाकर नगर निगम से वेतन आहरित किया जाता रहा है। इस भ्रष्टाचार पर अब निगमायुक्त ने कड़ा रूख अपना लिया है।
इनका कहना है
–सफाई ठेकेदारों का अक्टूबर माह का वेतन पर रोक लगा दी गई है। वहीं नगर निगम के 146 कर्मचारियों का वेतन होल्ड किया गया है क्योंकि ये अभी तक सामने नहीं आए हैं। जब ये कर्मचारी सामने आएंगे तब इनका वेतन बहाल कर दिया जाएगा। नगर निगम में भ्रष्टाचारी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रामप्रकाश अहिरवार, निगमायुक्त, जबलपुर

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