
भोपाल। कुणाल चौधरी ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश सरकार पर किसानों को “झूठे प्रचार” के जरिए गुमराह करने तथा गेहूं खरीदी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में चौधरी ने कहा कि वर्ष 2026 को “कृषि उत्सव वर्ष” घोषित करने के बावजूद भाजपा सरकार किसानों को अव्यवस्था, आर्थिक संकट और खरीदी में देरी से जूझने के लिए मजबूर कर रही है। इस अवसर पर मुकेश नायक, राहुल राज, रितेश त्रिपाठी और सुभाष भी उपस्थित रहे।
उन्होंने सरकार के विज्ञापनों का हवाला देते हुए कहा कि यदि प्रदेश में इस वर्ष 365.11 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन हुआ है, तो खरीदी का लक्ष्य मात्र लगभग 100 लाख मीट्रिक टन क्यों रखा गया। चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों को मंडियों में कम दाम पर फसल बेचने के लिए मजबूर कर रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेशभर के खरीदी केंद्रों पर कट्टों की कमी, वेयरहाउस भरे होने और स्टॉक उठाव में देरी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जिसके कारण किसानों को कई-कई दिनों तक कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि फरवरी से गेहूं मंडियों में आने लगा था और केंद्र सरकार ने लगभग 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी कोटा पहले ही स्वीकृत कर दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने खरीदी प्रक्रिया 9 अप्रैल से शुरू की।
चौधरी ने आरोप लगाया कि 19 लाख से अधिक किसानों के पंजीयन के बावजूद अब तक केवल लगभग 73 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। उन्होंने 23 मई की अंतिम तिथि बढ़ाने, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा खरीदी व्यवस्था सुधारने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो पार्टी किसानों के समर्थन में आंदोलन तेज करेगी।
