इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेस वे का 80 प्रतिशत काम पूरा 

इंदौर. एनएचएआई द्वारा बनाए जा रहे इंदौर से हैदराबाद एक्सप्रेस वे जल्द शुरू होने वाला है. उक्त हाई वे के शुरू होने से 18 घंटे का सफर 10 घंटों में पूरा हो जाएगा. यह सड़क शुरू होने से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिलेगी. इंदौर सीधे महाराष्ट्र और तेलंगाना से जुड़ जाएगा. इंदौर से हैदराबाद की दूरी 150 किलोमीटर काम होकर 725 किलोमीटर रह जाएगी. यह सड़क तेजाजी नगर से बुरहानपुर होते अकोला से संगारेड्डी होते हुए हैदराबाद पहुंचेगा.

 

देश में विकास में सड़कों का नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है. इसी के चलते इंदौर की महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई शहरों के बीच की दूरी एक्सप्रेस-वे से कम होने जा रही है. पहले हैदराबाद का सफर 18 घंटे में पूरा होता था, जो अब सिर्फ 10 घंटे में पूरा हो जाएगा. दोनों शहरों को जोड़ने वाला करीब 725 किमी लंबा एक्सप्रेस-वे इस साल बनकर पूरा हो जाएगा. इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी भी वर्तमान की तुलना में करीब 150 किमी कम हो जाएगी.

 

भारत माला परियोजना के तहत बन रहा एक्सप्रेस-वे

एनएचएआई द्वारा इंदौर से हैदराबाद को जोड़ने वाली फोर लेन सड़क भारत माला परियोजना के तहत सेमी-एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे का काम करीब 80 प्रतिशत हो चुका है. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना से होकर गुजर रहे इस एक्सप्रेस-वे से आर्थिक विकास को गति मिलेगी. वैसे तो इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य 2025 रखा गया था, लेकिन अब ये 2026 में पूरा हो पाएगा और इसी साल से इस एक्सप्रेस वे पर भारी और हल्के वाहन तेज गति से दौड़ते नजर आएंगे.

 

इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेस वे में क्या है खास

भारतमाला प्रोजेक्ट के पहले चरण के तहत इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेस-वे का निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा किया जा रहा है. इस एक्सप्रेस वे में ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड दोनों तरह के हिस्सों का निर्माण किया जा रहा है. इसकी कुल लंबाई 725 किमी रहेगी, जिसका निर्माण कार्य अंतिम दौर में है. मध्य प्रदेश में भेरूघाट टनल और वायडक्ट जैसे कई कठिन हिस्सों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है.

 

इंदौर के विकास को आर्थिक गति

उक्त एक्सप्रेस-वे का मुख्य उद्देश्य सफर के समय को कम करना और दोनों शहरों के बीच की दूरी कम करना था. नए एक्सप्रेस-वे के जरिए मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र इन तीनों प्रदेशों की कनेक्टिविटी में सुधार भी होगा. खास बात ये है कि मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर जैसे शहर की महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे तेजी से तरक्की कर रहे राज्यों से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी. इससे इंदौर के आर्थिक विकास को ओर गति मिलेगी.

 

किन शहरों के बीच होगी कनेक्टिविटी

नए एक्सप्रेस-वे सड़क के कारण मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई बड़े और छोटे शहरों को फायदा मिलेगा. इंदौर के तेजाजी नगर से शुरू होकर एक्सप्रेस-वे बड़वाह एवं बुरहानपुर होते हुए महाराष्ट्र के जलगांव, अकोला, हिंगोली और नांदेड़ से जुड़ेगा. आगे तेलंगाना के मंगलूर, रामसनपल्ली, संगारेड्डी से होते हुए हैदराबाद से जुड़ जाएगा.

 

सेमी-एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे में ऐसा होता है

सेमी-एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेस वे तकनीक फुल एक्सप्रेस-वे से मिलती जुलती है, लेकिन इसमें एंट्री और एग्जिट फुल एक्सप्रेस-वे जैसा सख्त नहीं होता है. ये मुख्य तौर पर बड़े शहरों को जोड़ने के लिए बनाए जाते हैं, जहां क्रांसिग के लिए फ्लाईओवर और सर्विस रोड के जरिए अन्य मार्गों से जोड़ा जाता है. इसमें विभाजित लेन होती है. एक्सप्रेस वे पर किसी शहर या इलाके का ट्रैफिक सीधे प्रवेश नहीं कर पाता है, बल्कि सर्विस रोड के जरिए प्रवेश लेना होता है. सामान्य हाईवे के मुकाबले वाहनों की गति ज्यादा होती है, लेकिन फुल एक्सप्रेस वे की तुलना में इसमें कम सख्ती से प्रतिबंध लगा होता है.

 

मध्य प्रदेश के विकास को गति देगा सेमी एक्सेस एक्सप्रेस-वे

नया एक्सप्रेस-वे से सिर्फ इंदौर को नहीं, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश के विकास को बढ़ावा मिलेगा. खास फायदा यह हो सकता है कि यहां लॉजिस्टि्रक हब के साथ माल ढुलाई और डिलेवरी में समय कम लगेगा. दूरी कम होने के कारण किराया भी कम हो जाएगा, इसका फायदा उपभोक्ता को मिलेगा.

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