
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में गुरुवार को न्यायिक कर्मचारियों के वेतनमान संबंधी मामले में पूर्व आदेश के परिपालन में मुख्य सचिव वीडियो कांफ्रेंसिंग से हाजिर हुए। शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने पूरे मामले की पुन: जांच करने और उचित प्रस्ताव रखने के लिए कुछ मोहलत मांगी। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने अगली सुनवाई 24 जून को निर्धारित की है। एकलपीठ ने अगली सुनवाई में भी मुख्य सचिव को हाजिर रहने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल जबलपुर निवासी हाईकोर्ट कर्मचारी किशन पिल्लई और 108 अन्य ने वर्ष 2016 में यह याचिका दायर की थी। जिसमें उच्च वेतनमान का लाभ नहीं दिए जाने को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने बताया कि हाईकोर्ट ने 28 अप्रैल 2017 को आदेश पारित करते हुए कहा था यह मामला 27 जून 2015 से सरकार के समक्ष विचाराधीन है। चार सप्ताह के भीतर मामले का निपटारा किया जाए। आदेश का पालन नहीं होने पर 2018 में अवमानना याचिका दायर की गई। गत 26 मार्च को हाईकोर्ट ने आदेश के पालन में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। इसके साथ ही मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे।
