नई दिल्ली। आबकारी घोटाला मामले में सीबीआई की अपील पर सुनवाई कर रहीं दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से माहौल बनाकर दबाव डालने की कोशिश की गई, जिसके चलते वह अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक और संजय सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करेंगी। गुरुवार को पारित आदेश में न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि अदालत के भीतर सम्मान जताने और बाहर उनके खिलाफ अभियान चलाने की दोहरी रणनीति अपनाई गई। उन्होंने इसे मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए कहा कि प्रतिवादियों को लगा कि गलत बातें फैलाकर उन्हें सुनवाई से रोका जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जस्टिस शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि अवमानना की कार्यवाही शुरू होने के बाद वह मुख्य मामले की सुनवाई नहीं करेंगी और अपना रिक्यूजल आदेश वापस नहीं लेंगी।
