
सिंगरौली । रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद द्वारा आज खुटार उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं का सघन जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने उपार्जन की वर्तमान गति और केंद्र पर अनाज के भंडारण की स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों और परिवहन कर्ताओं को निर्देश दिए कि अगले दो दिवस के भीतर केंद्र से 90 प्रतिशत गेहूं का उठाव अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उठाव की प्रक्रिया में तेजी लाकर ही केंद्र पर किसानों के लिए सुगम व्यवस्था बनाई जा सकती है। वर्तमान में बदलते मौसम और असामयिक वर्षा की संभावना को देखते हुए उन्होंने गेहूं की सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि उपार्जित गेहूं को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए और जल निकासी के उचित प्रबंध किए जाएं, ताकि किसानों की मेहनत की उपज पूरी तरह सुरक्षित रहे। किसानों को तौल कार्य के लिए अधिक समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए कमिश्नर ने केंद्र पर तत्काल प्रभाव से 6 तौल मशीनें पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देशित किया।
कोदो-कुटकी प्रसंस्करण यूनिट का किया निरीक्षण
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कमिश्नर रीवा संभाग बीएस जामोद द्वारा आज ग्राम पंचायत जरहा का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने सिंह देव महिला किसान उत्पादक कंपनी द्वारा संचालित कोदो-कुटकी प्रसंस्करण यूनिट का विस्तृत अवलोकन किया। कमिश्नर ने यूनिट की कार्यप्रणाली को समझा और वहां स्थापित आधुनिक मशीनों के माध्यम से स्थानीय मोटे अनाजों श्री अन्न के प्रसंस्करण की प्रक्रिया देखी। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि किस प्रकार पारंपरिक फसलों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनके मूल्य में वृद्धि की जा रही है, जिससे न केवल उत्पादों की गुणवत्ता सुधर रही है बल्कि बाजार में उनकी मांग भी बढ़ रही है।
स्वरोजगार की दिशा में उठाए गए कदम
कमिश्नर ने सिंगरौली जिले के भ्रमण के दौरान ग्राम कर्सुआ राजा का आकस्मिक दौरा किया। यहाँ उन्होंने स्थानीय युवा संदीप शाह द्वारा संचालित मुर्गीपालन फार्म का बारीकी से अवलोकन किया। इस निरीक्षण के दौरान सिंगरौली कलेक्टर और सहायक कलेक्टर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार की दिशा में उठाए गए इस कदम की सराहना की और युवा उद्यमी का उत्साहवर्धन किया। निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने फार्म संचालक से मुर्गियों की नस्ल, उनके दाने-पानी, स्वास्थ्य प्रबंधन तथा बाजार में बिक्री की व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
