
श्योपुर। नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकल पीठ ने तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने न केवल नगर पालिका अध्यक्ष पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया, बल्कि सरकार के विरोधाभासी रवैये पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव को अधिकारियों के आचरण की जांच के आदेश भी दिए हैं। साथ ही कहा है कि कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्योपुर नगर पालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग के निर्वाचन को सुमेर सिंह ने चुनौती दी थी। चुनाव न्यायाधिकरण ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि अध्यक्ष के निर्वाचन की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए याचिका समय से पहले है।
जस्टिस आशीष श्रोती की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि 2020 के संशोधन के बाद अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से होता है। ऐसे में अलग से गजट नोटिफिकेशन की अनिवार्यता के आधार पर किसी को न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने माना कि अध्यक्ष का कार्यकाल पहली बैठक से शुरू होता है, इसलिए उसी दिन से चुनाव को चुनौती देने का अधिकार भी मिल जाता है। कोर्ट ने इसे ‘अड़ंगा डालने वाली रणनीति’ मानते हुए 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
