केंद्रीय बजट 2026 में एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने और उन्हें आसान व सस्ता ऋण उपलब्ध कराने पर स्पष्ट रूप से ध्यान दिया गया है, साथ ही सरकार ने राजकोषीय अनुशासन भी बनाए रखा है। ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड और Self-Reliant India Fund में ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि से छोटे और मध्यम उद्यमों को विस्तार के लिए पूंजी मिलेगी। CPSE–MSME लेन-देन को TReDS प्लेटफॉर्म के माध्यम से अनिवार्य करना, GeM को TReDS से जोड़ना और इनवॉइस डिस्काउंटिंग के लिए क्रेडिट गारंटी शुरू करना एमएसएमई को समय पर भुगतान और बेहतर नकदी प्रवाह सुनिश्चित करेगा। TReDS के बिलों के सेक्यूरिटाइजेशन और ‘कॉरपोरेट मित्र’ जैसी पहलें ऋण को और आसान बनाएँगी तथा अनुपालन से जुड़ी दिक्कतों को कम करेंगी। PFC और REC जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के एनबीएफसी के पुनर्गठन से ऋण व्यवस्था मजबूत होगी और एमएसएमई को समर्थन देने में एनबीएफसी की भूमिका और प्रभावी बनेगी
