
ग्वालियर। तीन साल पहले चीते लाए जाने के बाद पहली बार कूनो के गेट पर्यटकों को लिए खोले गए और इस समय खुले जंगल में अधिक संख्या में चीते मौजूद हैं। जंगल में सफारी कर पर्यटकों को करीब से चीते देखने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि पहले दिन पहुंचे 12 पर्यटकों को चीता दिखाई नहीं दिया। प्रबंधन का कहना है कि पर्यटकों के लिए पहली बार पार्क के तीनों गेट टिकटोली, अहेरा और पीपलबावड़ी खोले गए। प्रवेश द्वारों पर नारियल फोड़ा गया व पर्यटकों का माला पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत भी किया गया। कूनो को वर्ष 2018 में नेशनल पार्क का दर्जा मिला था और 17 सितंबर 2022 को यहां नामीबिया से चीते लाए जाने के बाद इसे भारत में चीतों को पहला घर होने का गौरव हासिल हो गया।
कूनो के खुले जंगल में आशा, ज्वाला, गामिनी चीता जहां अपने शावकों के साथ घूम रही हैं, वहीं अग्नि व वायु नर चीता यहां लंबे समय से विचरण कर रहे हैं। बाड़े में बंद आठ चीतों को भी जंगल में जल्द ही छोड़ा जा सकता है। चीता प्रोजेक्ट के निदेशक उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि पार्क में मौजूद कुल 24 चीतों में से 16 खुले जंगल में हैं, जिनके इलाके में जाकर देखे जाने पर अब पर्यटकों को कोई रोक नहीं है। कोर एरिया भी पर्यटकों के लिए खुला है।
