अमेरिकी राष्ट्रपति का यह अहम दौरा व्यापार युद्ध, ताइवान विवाद, ईरान तनाव और AI की भयंकर लड़ाई के बीच हो रहा है। पूरी दुनिया की नजरें इस हाई-वोल्टेज बैठक पर टिकी हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो दिन की अहम यात्रा पर बीजिंग पहुंच चुके हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 7.30 बजे ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में ट्रंप का स्वागत किया। दोनों देशों के बीच व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। यह भव्य कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है जब इन दोनों महाशक्तियों के बीच गहरा तनाव बना हुआ है।
सफेद यूनिफॉर्म पहने 300 चीनी युवाओं ने ट्रंप का रेड कार्पेट पर बेहद शानदार स्वागत किया। इस ट्रंप चीन दौरे के दौरान उनके साथ कई बड़े कारोबारी एलन मस्क और जेन्सेन हुआंग भी आए हैं। यह लगभग 10 साल में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली सबसे महत्वपूर्ण बीजिंग यात्रा मानी जा रही है। इससे पहले 2017 में ट्रंप ने चीन का दौरा किया था जिसके बाद व्यापार पर टैक्स लगाए गए थे।
ईरान युद्ध पर हो सकती है चर्चा
ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के इस गंभीर मुद्दे पर शी जिनपिंग के साथ बहुत लंबी बातचीत करेंगे। चीन अभी भी भारी अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से सबसे ज्यादा मात्रा में तेल खरीदता है। अमेरिका चाहता है कि चीन ईरान को फारस की खाड़ी में अपनी सैन्य गतिविधियां रोकने के लिए मनाए। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहा यह भयंकर व्यापार युद्ध भी बातचीत का एक बड़ा मुद्दा रहेगा। पिछले साल लगाए गए भारी टैक्स के जवाब में चीन ने भी 100 प्रतिशत से ज्यादा जवाबी टैक्स लगाए। अब ट्रंप और शी जिनपिंग इस टैक्स समझौते को आगे बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा करने वाले हैं।
ताइवान और AI विवाद पर भी बातचीन सम्भव
ताइवान का अहम मुद्दा भी इस हाई-वोल्टेज बैठक और लंबी बातचीत में पूरी तरह से शामिल रहेगा। ट्रंप ने कहा है कि वह ताइवान को अमेरिकी हथियार बिक्री के अहम मुद्दे पर जिनपिंग से बात करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के बीच AI की कड़ी प्रतिस्पर्धा और रेयर अर्थ निर्यात पर भी बातचीत होगी। ट्रंप को पूरी उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक यात्रा में उन्हें शी जिनपिंग से एक बहुत बड़ी झप्पी मिलेगी। ट्रंप हमेशा मानते हैं कि उनकी चीन के इस बेहद मजबूत नेता के साथ काफी अच्छी निजी दोस्ती है। ट्रंप की सबसे बड़ी इच्छा कृषि और विमान क्षेत्र में बड़े और ऐतिहासिक व्यापारिक समझौते करने की है।
शी जिनपिंग की अमेरिकी यात्रा पर बात
ट्रंप यह भी चाहेंगे कि 2026 में शी जिनपिंग की अगली अमेरिका यात्रा की पक्की तारीख आज ही तय हो जाए। इससे दोनों नेता पूरी दुनिया को दिखा सकेंगे कि उनके बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध काफी अच्छे हैं। दोनों देश इस महत्वपूर्ण बैठक से अपने-अपने आर्थिक फायदे लेकर बाहर निकलना चाहेंगे ताकि स्थिरता बनी रहे।
