
इंदौर।द एमराल्ड हाइट्स इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने एक बार फिर सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर स्कूल और शहर का नाम रोशन किया है। स्कूल के आधिकारिक मेरिट रिकॉर्ड्स के अनुसार सत्र 2026 की सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में त्रिशिका जैन और आरव ने 97.6% अंक प्राप्त कर टॉप अचीवर्स में अपनी जगह बनाई।
त्रिशिका जैन अनुशासन, मेहनत और बड़े सपनों की मिसाल
इंदौर की त्रिशिका जैन ने ह्यूमैनिटीज के साथ मैथ्स और साइकोलॉजी विषय लेकर पढ़ाई की और 97.6% अंक प्राप्त किए। वे न केवल पढ़ाई में अव्वल रही हैं, बल्कि स्कूल की बेहतरीन डिबेटर भी हैं। उन्होंने कई इंटर-स्कूल प्रतियोगिताओं में ‘बेस्ट स्पीकर’ का खिताब अपने नाम किया है।
त्रिशिका ग्लोबल स्तर पर आयोजित राउंड स्क्वेयर गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। वे “इंट्रा राउंड स्क्वेयर” प्रतियोगिताओं की आयोजन टीम के चुनिंदा सदस्यों में शामिल रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वे योग को भी अपनी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं।
त्रिशिका बताती हैं कि वे सुबह 4 बजे से 7 बजे तक नियमित पढ़ाई करती थीं और देर रात तक पढ़ाई करने से बचती थीं। उनका मानना है कि सुबह के समय पढ़ाई करने से मन अधिक एकाग्र रहता है।
परिवार के सहयोग और स्कूल शिक्षकों के मार्गदर्शन को वे अपनी सफलता का बड़ा कारण मानती हैं। उनका कहना है कि स्कूल के शिक्षक हर विषय में उनके सभी डाउट्स तुरंत क्लियर कर देते थे।
अब त्रिशिका का लक्ष्य दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करना और आगे चलकर यूपीएससी परीक्षा पास कर समाज के शिक्षा क्षेत्र में काम करना है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए।
त्रिशिका जैन से विशेष बातचीत
सवाल= आपकी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र क्या रहा?
त्रिशिका= मैंने हमेशा नियमित पढ़ाई पर ध्यान दिया। सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थी क्योंकि उस समय मन शांत रहता है और ज्यादा फोकस बनता है।
सवाल::: क्या आपने देर रात तक पढ़ाई की?
त्रिशिका::: नहीं, मैंने रात में पढ़ाई करने से बची। सुबह का समय मेरे लिए ज्यादा प्रभावी रहा।
सवाल::: पढ़ाई के अलावा आपकी रुचि किन गतिविधियों में रही?
त्रिशिका::: मुझे डिबेट और पब्लिक स्पीकिंग बहुत पसंद है। इंटर-स्कूल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और ‘बेस्ट स्पीकर’ का अवॉर्ड भी मिला। साथ ही राउंड स्क्वेयर गतिविधियों में भी काम किया।
सवाल::: आपकी सफलता में किसका सबसे बड़ा योगदान रहा?
त्रिशिका::: मेरे परिवार और स्कूल टीचर्स का। जब भी कोई डाउट होता था, टीचर्स तुरंत मदद करते थे। परिवार ने हमेशा मोटिवेट किया।
सवाल::: भविष्य को लेकर आपका सपना क्या है?
त्रिशिका::: मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी से आगे की पढ़ाई करना चाहती हूं और यूपीएससी क्रैक कर शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहती हूं।
////आरव अनुशासन और नेतृत्व के साथ हासिल की सफलता///
स्कूल के छात्र आरव ने कॉमर्स स्ट्रीम से पढ़ाई करते हुए 97.6% अंक प्राप्त कर स्कूल टॉपर्स में स्थान हासिल किया। पढ़ाई के साथ-साथ वे स्कूल के हेड बॉय भी रहे और अनुशासन बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
आरव ने स्कूल की कई प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया। वे अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों के सहयोग को देते हैं। परिवार में चार सदस्य हैं और सभी एक-दूसरे का पूरा समर्थन करते हैं। आरव विशेष रूप से अपनी मां के बेहद करीब हैं।
अब वे भविष्य में मैनेजमेंट की पढ़ाई कर कॉर्पोरेट और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं।
आरव से विशेष बातचीत
सवाल::: 97.6% अंक हासिल करने के बाद कैसा महसूस हो रहा है?
आरव::: बहुत अच्छा लग रहा है। मेहनत का परिणाम मिला और परिवार व स्कूल का नाम रोशन कर पाया।
सवाल::: आपकी सफलता का सबसे बड़ा सहारा कौन रहा?
आरव::: मेरे परिवार ने हमेशा मेरा साथ दिया। खासकर मां ने हर समय मोटिवेट किया।
सवाल::: पढ़ाई और हेड बॉय की जिम्मेदारी को कैसे संभाला?
आरव::: टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी था। मैंने पढ़ाई और स्कूल की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की।
सवाल::: स्कूल जीवन में आपकी सबसे बड़ी सीख क्या रही?
आरव::: अनुशासन और नेतृत्व। हेड बॉय रहते हुए मैंने जिम्मेदारी निभाना सीखा।
सवाल::: आगे क्या करना चाहते हैं?
आरव::: मैं मैनेजमेंट की पढ़ाई करना चाहता हूं और भविष्य में बिजनेस एवं लीडरशिप के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता हूं।
