
भोपाल। जीतू पटवारी ने बुधवार को केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर युवाओं, किसानों और आदिवासी समुदायों के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा विवाद और केन-बेतवा परियोजना से जुड़े विस्थापन के मुद्दे सरकार की विफलताओं को उजागर करते हैं।
भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पटवारी ने कहा कि नीट परीक्षा में सामने आई अनियमितताएं कोई अलग घटना नहीं हैं, बल्कि भाजपा शासन में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती घोटालों की श्रृंखला का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल करीब 24 लाख विद्यार्थियों के भविष्य और सपनों के साथ खिलवाड़ किया गया है।
पटवारी ने मध्यप्रदेश के व्यापम घोटाले सहित पूर्व में सामने आए विभिन्न परीक्षा विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो पाती। उन्होंने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठनों पर शिक्षा संस्थानों और भर्ती प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए वर्षों तक मेहनत और भारी आर्थिक खर्च करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और अव्यवस्था उनकी उम्मीदों को तोड़ रही है। पटवारी ने घोषणा की कि कांग्रेस 16 मई को युवाओं, रोजगार, शिक्षा और परीक्षा सुधारों को लेकर व्यापक अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करेगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बुंदेलखंड दौरे के दौरान केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों आदिवासी परिवारों को बिना उचित मुआवजे और पुनर्वास के विस्थापित किया जा रहा है। कई परिवार पुराने भूमि रिकॉर्ड और पुनर्वास संबंधी खामियों के कारण मुआवजे से वंचित रह गए हैं।
पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन, पुलिस और वन विभाग परियोजना से जुड़े निजी ठेकेदारों के पक्ष में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं, किसानों, आदिवासियों और गरीब वर्गों के अधिकारों के लिए “सड़क से सदन तक” संघर्ष जारी रखेगी।
