ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को बताया पूरी तरह ‘क्रेजी’: तेहरान की शर्तों पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति, कहा- परमाणु हथियार वाला शासन बर्दाश्त नहीं

वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव के जवाब पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को युद्ध समाप्ति का एक मसौदा भेजा था, जिसमें प्रतिबंधों को हटाने, बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने और अमेरिकी सेना की वापसी जैसी शर्तें रखी गई थीं। इन शर्तों पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया कि उन्हें ईरान के तथाकथित प्रतिनिधियों का जवाब बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने ईरान के नेतृत्व को ‘क्रेजी शासन’ करार देते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी शर्तों के साथ कोई समझौता संभव नहीं है।

एक हालिया साक्षात्कार में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से पूरी तरह हार चुका है और उसकी रक्षात्मक व आक्रामक क्षमताएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं। ट्रंप ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान में तेहरान के पास न तो वायुसेना बची है और न ही प्रभावी नौसेना। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका ईरान के यूरेनियम संवर्धन केंद्रों पर पैनी नजर रख रहा है और यदि वहां कोई संदिग्ध गतिविधि दिखी, तो तुरंत बड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। ट्रंप के अनुसार, यदि आज अमेरिकी सेना पीछे हटती है, तो भी ईरान को दोबारा खड़ा होने में कम से कम 20 साल का समय लगेगा।

क्षेत्र में जारी अमेरिकी सैन्य अभियानों पर बात करते हुए राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि वॉशिंगटन का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने अनुमान लगाया कि अमेरिकी सेना ने अपने निर्धारित लक्ष्यों में से अब तक केवल 70 प्रतिशत को ही नष्ट किया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले समय में और भी हमले हो सकते हैं। ट्रंप ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकता। फिलहाल, खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और कूटनीतिक रास्तों के बजाय सैन्य बयानबाजी ने शांति की उम्मीदों को और कम कर दिया है।

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