दमोह: मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर त्वरित व सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से 9 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय दमोह तथा तहसील न्यायालय, हटा, पथरिया, तेंदूखेड़ा में सुभाष सोलंकी, प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के मार्गदर्शन में किया गया. जिला मुख्यालय दमोह पर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश, सुभाष सोलंकी द्वारा ए.डी.आर. भवन में मॉं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया गया.
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय मोहम्मद अजहर, विशेष न्यायाधीश/प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत उदय सिंह मरावी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री स्नेहा सिंह सहित जिला मुख्यालय दमोह में पदस्थ समस्त न्यायाधीशगण, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ दमोह कमलेश भारद्वाज, उपाध्यक्ष सुरेश कुमार खत्री, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मनीष नगाइच सहित समस्त डिफेंस काउंसिल, उप प्रशासनिक अधिकारी जिला न्यायालय शमीम कुरैषी, अध्यक्ष तृतीय श्रेणी न्यायिक कर्मचारी संघ दीपक सोनी, अध्यक्ष चतुर्थ श्रेणी न्यायिक कर्मचारी संघ विश्वनाथ बिल्थरे सहित न्यायालयीन व विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित हुये.
इस अवसर प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुभाष सोलंकी ने संबोधित करते हुये कहा कि वर्ष की इस द्वितीय लोक अदालत के सफल बनाये जाने हेतु लंबित प्रकरणों की प्रिसिटिंग आयोजित किये जाने हेतु निर्देश दिये गये थे, जिसके परिपालन में प्रिसिटिंग आयोजित की जाकर अनेक प्रकरणों में सहमति बनाने का प्रयास किया गया जिसमें अधिवक्ताओं का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है प्रकरणों के निराकरण हेतु संपूर्ण जिले में 20 खण्डपीठों का गठन किया गया है.आशा है कि यह लोक अदालत सभी के सहयोग से सफल होगी.
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह से मिली सूचना से ज्ञात हुआ है कि उक्त नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य दांडिक, सिविल, चैक अनादरण, वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, वैवाहिक मामले, विद्युत से संबंधित प्रकरणों के साथ-साथ बैंकों, दूरसंचार, विद्युत एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को निराकरण हेतु रखा गया था। नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 07 प्रकरणों में राशि 49,25,000 रूपये के अवार्ड पारित किये जाकर न्यायालयों में लंबित विद्युत के 46, वैवाहिक के 14, चैक अनादरण के 19 एवं दांडिक के 78 प्रकरणों सहित कुल 268 प्रकरणों का नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकरण किया जाकर कुल 2,50,53,417/- रूपये के अवार्ड पारित किये गये। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से बैंक, विद्युत एवं नगरपालिका के कुल 266 प्रिलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया जाकर 65,00,517/- रूपये की वसूली की गई।
लाड़ली बहना योजना के पैसों के विवाद पर पृथक रह रहे दंपत्ति हुये एक न्यायाधीशगण द्वारा दंपत्ति को प्रदान किये न्यायवृक्ष प्रधान न्यायाधीष, कुटुम्ब न्यायालय में लंबित भरण पोषण के प्रकरण में पत्नि को शासन द्वारा संचालित लाड़ली बहना योजना से मिलने वाले पैसों की मांग पति के द्वारा किये जाने पर पत्नि द्वारा राषि देने से मना करने पर विवाद होने के कारण पत्नि अपने 2 बच्चों के साथ माह अक्टूबर 2024 से अपने मायके में निवास कर रही थी और पत्नि के द्वारा 2025 में कुटुम्ब न्यायालय में भरण पोषण के लिये आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदिका के अनुसार उनका विवाह वर्ष 2016 में हुआ था। पति के द्वारा लाड़ली बहना योजना से मिलने वाले पैसों की मांग किये जाने पर आये दिन विवाद होता था तथा एक दिन विवाद होने पर पति के द्वारा मारपीट किये जाने पर पत्नि द्वारा पति के विरूद्ध थाने में एफआईआर दर्ज करायी गयी थी एवं उसने स्वयं एवं दोनों बच्चों के लिये भरण पोषण हेतु कुटुम्ब न्यायालय में भी आवेदन प्रस्तुत किया था।
मामले में आवेदिका एवं उसके बच्चों के भविष्य को देखते हुये प्रकरण नेषनल लोक अदालत में रखा जाकर दोनों पक्षकारों को आहूत कर उनसे चर्चा की गयी और प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद अजहर, सुलहकर्ता सदस्य एवं अधिवक्ताओं के द्वारा समझाईश दिये जाने पर पति-पत्नि ने एक दूसरे को माला पहनाकर राजीनामा के आधार पर प्रकरण समाप्त किया तथा भविष्य में विवाद ना किये जाने का प्रण लेकर खुशी-खुशी विदा हुये। उन्हें स्मृति के रूप में फलदार पौधे वितरित किये जाकर पौधों की देखभाल नन्हें बच्चो की तरह किये जाने की सलाह दी गयी। इस प्रकार कुटुम्ब न्यायालय में लंबित 12 प्रकरणों में दंपत्तियों के द्वारा राजीनामा के आधार पर आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ रहने का प्रण लिया।
इस दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुभाष सोलंकी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय मोहम्मद अजहर, जिला न्यायाधीश पंकज वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता भगवती प्रसाद श्रीवास्तव, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ कमलेष भारद्वाज, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, चीफ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल मनीष नगाइच, आवेदिका के अधिवक्ता जितेन्द्र सिंह राजपूत व अनावेदक के अधिवक्ता सुश्री द्रोपती ठाकुर सहित अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
