नयी दिल्ली, 09 मई (वार्ता) मोदी सरकार की आम जन को बीमा और पेंशन सुरक्षा देने के लिए शुरू की गयी तीन जन सुरक्षा योजनाओं – प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) ने 11 साल पूरे कर लिये है और इनको अपनाने वालों का आधार व्यापक हुआ है।
इन योजनाओं के 11 साल पूरे होने पर शनिवार को वित्त मंत्रालय की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार पीएमजेजेबीवाई के तहत कुल नामांकन 27.43 करोड़ से अधिक हो चुके हैं और 29.04.2026 तक 21,512.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसी दौरान पीएमएसबीवाई के तहत कुल नामांकन 58.09 करोड़ से अधिक हो चुके हैं और 1,84,662 दावों के लिए 3,667.52 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इन 11 वर्षों में 9.04 करोड़ से अधिक लोगों ने एपीवाई योजना में नामांकन कराया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इन तीनों योजनाओं के आज 11 वर्ष पूरे होने पर सोशल मीडिया पर कहा कि ये योजनाएं देश के नागरिकों के लिए गरिमा, आश्वासन और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा, ‘ प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना ने जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं और देश के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है।’
उन्होंने कहा कि अटल पेंशन योजना ने अनेक लोगों को अपनी वृद्धावस्था में अधिक सुरक्षित जीवन जीने में सक्षम बनाया है। उन्होंने अटल पेंशन योजना के तहत महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उन्हें मिल रहे लाभों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस योजना की सफलता में ‘नारी शक्ति’ के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने 09 मई 2015 को इन तीनों योजनाओं को शुरू किया था। ये समाज के सभी वंचित तथा कमजोर वर्गों को किफायती वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने , जीवन की अनिश्चितताओं से बचाकर और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देकर बीमा और पेंशन व्यवस्था को व्यापक बनाने के उद्येश्य से शुरू की गयी है।
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन जन सुरक्षा योजनाओं के मार्गदर्शक सिद्धांतों पर विचार करते हुए कहा, “माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कम लागत वाले बीमा और पेंशन लाभ प्रदान करने के लिए पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना सहित जन सुरक्षा योजनाओं का शुभारंभ किया।”
श्रीमती सीतारमण ने जनता के बीच इन योजनाओं की बढती लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई के तहत क्रमशः 27 करोड़, 58 करोड़ और 9 करोड़ से अधिक नामांकन हुए हैं। उन्होंने कहा “जन सुरक्षा योजनाओं की 11वीं वर्षगांठ के अवसर पर, बैंकों और बीमा कंपनियों के जमीनी स्तर के कर्मचारियों सहित सभी हितधारकों के प्रति हार्दिक आभार, जिनके समर्पित प्रयासों से ये योजनाएं इतनी सफल हुई।”
इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, ” योजनाओं में नामांकन और दावों की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने और सरल करने पर ध्यान दिया गया है। ऑनलाइन जन सुरक्षा पोर्टल के शुरू होने से नागरिकों के लिए बैंक शाखाओं या डाकघरों में जाए बिना आसानी से नामांकन करना संभव हुआ है। दावा प्रक्रिया के डिजिटलीकरण से त्वरित निपटान सुनिश्चित हुआ है, जिससे शोक संतप्त परिवारों को सबसे अधिक आवश्यकता के समय सहायता मिल सकी है।”
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना प्रतिदिन दो रुपये से कम के प्रीमियम पर जीवन बीमा कवर प्रदान करने के लिए बनाई गई है।योजना में भाग लेने वाले बैंकों/डाकघरों के 18 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के सभी व्यक्तिगत खाताधारक, जो ऑटो-डेबिट में शामिल होने/चालू करने के लिए अपनी सहमति देते हैं, इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को दुर्घटना के कारण मृत्यु या विकलांगता होने पर 18 से 70 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को 2 लाख रुपये तक का आकस्मिक मृत्यु और विकलांगता कवर प्रदान करने के लिए बनाया गया है। इसका न्यूनतम प्रीमियम 2 रुपये प्रति माह से कम है।
अटल पेंशन योजना का उद्देश्य सभी भारतीयों, विशेष रूप से गरीबों, वंचितों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह असंगठित क्षेत्र के लोगों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और भविष्य की आपात स्थितियों से निपटने के लिए सरकार की एक पहल है। एपीवाई का संचालन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की समग्र प्रशासनिक और संस्थागत संरचना के अंतर्गत पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा किया जाता है।
यह योजना 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बैंक खाताधारकों के लिए खुली है जो आयकर दाता नहीं हैं। इसमें चुनी गई पेंशन राशि के आधार पर अंशदान भिन्न होते हैं। इस योजना के ग्राहक को 60 वर्ष की आयु के बाद 1000 रुपये, 2000 रुपये, 3000 रुपये, 4000 रुपये या 5000 रुपये की गारंटीकृत न्यूनतम मासिक पेंशन प्राप्त होगी।
