नेशनल लोक अदालत: तीन वर्ष से अलग रह रहे पति-पत्नी फिर हुए एक

मंदसौर। ममता (परिवर्तित नाम) का विवाह महेश (परिवर्तित नाम) से वर्ष 2003 में हुआ था। विवाह से उन्हें एक पुत्र एवं एक पुत्री प्राप्त हुए। वर्तमान में पुत्र की आयु लगभग 22 वर्ष तथा पुत्री की आयु लगभग 17 वर्ष है। लगभग 20 वर्ष तक वैवाहिक जीवन सुखपूर्वक व्यतीत करने के पश्चात पारिवारिक विवाद उत्पन्न होने के कारण करीब 03 वर्ष पूर्व दोनों अलग-अलग रहने लगे।

विवाद बढ़ने पर ममता द्वारा महेश के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 144 के अंतर्गत भरण-पोषण संबंधी प्रकरण प्रस्तुत किया गया। इससे पति-पत्नी के मध्य विवाद और अधिक गहरा गया।

प्रकरण कुटुम्ब न्यायालय में विचाराधीन था, जहाँ माननीय प्रधान न्यायाधीश श्रीमती प्रिया शर्मा द्वारा दोनों पक्षों को समझाइश देकर आपसी समझौते के प्रयास किए गए तथा प्रकरण को नेशनल लोक अदालत हेतु संदर्भित किया गया।

नेशनल लोक अदालत में प्रकरण प्रस्तुत होने पर समझौते के प्रयास सफल रहे। लोक अदालत द्वारा दी गई समझाइश एवं सकारात्मक संवाद के परिणामस्वरूप ममता और महेश ने आपसी मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने की सहमति व्यक्त की। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत ने एक बिखरते परिवार को पुनः एक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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