
कटनी। शहर की ऐतिहासिक गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करने वाला हज़रत इशाह दाता चिश्ती (र.अ.) का सालाना उर्स मुबारक इस वर्ष भी बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया जा रहा है। आगामी 10 और 11 मई को आयोजित होने वाला यह उर्स केवल एक धार्मिक आयोजन न होकर पूरे नगर में कौमी एकता और सामाजिक सौहार्द का संदेश देगा।
सजेगी सूफियाना महफिल
आयोजन समिति ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि उर्स के पावन अवसर पर दो दिवसीय विशेष कव्वाली कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। 10 मई की रात्रि प्रसिद्ध कव्वालों द्वारा बेहतरीन सूफियाना कलाम पेश किए जाएंगे। वहीं, 11 मई को भी कव्वाली और महफिल-ए-समां का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में जायरीन और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
इंसानियत और मोहब्बत को प्राथमिकता
उर्स समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यह आयोजन वर्षों से नगरवासियों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य कर रहा है। यहाँ जाति, धर्म और संप्रदाय की सीमाओं को पीछे छोड़कर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समाज के लोग एक साथ मिलकर इंसानियत और मोहब्बत की परंपरा को जीवित रखते हैं। शहर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी इस आयोजन को कटनी की साझा सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा बताया है।
समिति ने की शांति की अपील
पीर बाबा उर्स कमेटी ने नगरवासियों से अपील की है कि वे इस आयोजन में बड़ी संख्या में शामिल होकर शहर की अमन, चैन और एकता की परंपरा को और अधिक मजबूत करें। पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से सैयद फहीम अशरफ साहब, पीर बाबा कमेटी अध्यक्ष तनवीर खान (तन्नू), अज्जू भाईजान, अनवर भाईजान, तौफीक भाईजान, सोनू भाईजान, काजी वसीम खान, हैप्पी भाईजान, मोनू भाईजान और हाजी हबीब सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
