उज्जैन: सड़क चौड़ीकरण की जद में अब तक आम जनता के मकान दुकान लगातार तोड़े जाने की खबरें तो आती रही है, और लोग स्वयं के आशियाने अपने ही हाथों से हटा रहे हैं, अब बारी आई है नेताओं की. इसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टी के नेता कार्यकर्ताओं के मकान भी चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं. ऐसे में नेताओं ने रहवासियों के साथ-साथ 7 दिन की मोहलत मांगी है.
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत महाकाल की नगरी में सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्य अब तेज रफ्तार पकड़ चुके हैं. शहर की कई प्रमुख सड़कों पर आधे से ज्यादा काम पूरा हो चुका है, वहीं अब आधा दर्जन नई सड़कों पर भी चौड़ीकरण की तैयारी शुरू हो गई है. नगर निगम द्वारा नए क्षेत्रों में निशान लगाने के साथ मुनादी कराई जा रही है और लोगों को स्वयं अपने मकान-दुकान हटाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.
दोनों और की पट्टी
इसी क्रम में वीडी मार्केट से निकास चौराहे तक का क्षेत्र अब चौड़ीकरण की जद में आ गया है. यहां कांग्रेस नेता और भाजपा नेता की पट्टी के कई मकान और दुकानें भी प्रभावित हो रही हैं. नगर निगम की टीम प्रतिदिन क्षेत्र में पहुंचकर रहवासियों और व्यापारियों से चर्चा कर रही है.
स्वयं तोड़ो तो नुकसान कम
उज्जैन नगर निगम के अधिकारियों द्वारा साफ कहा जा रहा है कि यदि लोग स्वयं हाथों से निर्माण हटाएंगे तो नुकसान कम होगा, लेकिन यदि नगर निगम की जेसीबी और पोकलेन मशीनें कार्रवाई करेंगी तो नुकसान ज्यादा हो सकता है. क्षेत्र के रहवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से सात दिन की मोहलत मांगी है. सबसे ज्यादा चिंता उन व्यापारियों को है जिनकी पुश्तैनी दुकानें वर्षों से यहां संचालित हो रही हैं. लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उन्हें सामान हटाने और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए थोड़ा समय मिलना चाहिए.
कोयला फाटक से गाड़ी अड्डा
गौरतलब है कि कोयला फाटक, गाड़ी अड्डा से रामघाट तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य पहले से तेज गति से चल रहा है. यहां एक ओर के अधिकांश मकान और दुकानें हटाई जा चुकी हैं. नाले-नालियों का निर्माण भी जारी है और जल्द ही सड़क का नया स्वरूप दिखाई देने लगेगा. कई स्थानों पर पोल शिफ्ट किए जा चुके हैं, केबल हटाई जा चुकी हैं और सीवरेज लाइन का काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है.
अफसरों की टीम जुटी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह नगर उज्जैन में विकास कार्यों की मॉनिटरिंग लगातार हो रही है. नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा सुबह से देर रात तक निर्माण कार्यों की निगरानी कर रहे हैं. मजदूरों और ठेकेदारों की टीमें भी दिन-रात जुटी हुई हैं. जिला प्रशासन भी लगातार सक्रिय है. कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और मेला अधिकारी आशीष सिंह प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं, जिसके चलते काम में तेजी आई है.
देवासगेट से मालीपुरा की चर्चा
इधर नगर निगम के गलियारों में अब मालीपुरा और देवास गेट क्षेत्र के चौड़ीकरण की चर्चाएं भी जोर पकड़ने लगी हैं. हालांकि अभी वहां न तो निशान लगाए गए हैं और न ही नोटिस जारी हुए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि चामुंडा चौराहा से देवास गेट, इंदौर गेट और निकास चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड ब्रिज और यातायात दबाव को देखते हुए मालीपुरा क्षेत्र को भी चौड़ा किया जा सकता है. आने वाले दिनों में यहां भी कार्रवाई शुरू होने की संभावना जताई जा रही है.
महाकाल की नगरी का नया स्वरूप
कुल मिलाकर सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत विकास कार्यों की रफ्तार लगातार बढ़ रही है. अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालुओं और साधु-संतों के आगमन को देखते हुए महाकाल की नगरी को नए स्वरूप में तैयार किया जा रहा है
