
भोपाल। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभागार में जिला पंचायत की योजनाओं की समीक्षा की. जिसमें पंचायतों को शहर की तरह विकसित करने पर चर्चा की गई. वहीं नदियों तालाबों पर काय्र्र करने के निर्देश दिए गए. बैठक में जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी, जनपद फंदा सीईओ शिवानी मिश्रा, बैरसिया जनपद सीईओ देवेश सराठे मुख्य कार्यपालन यंत्री जितेन्द्र अहिरवार, एपीओ संदीप श्रीवास्तव सहित जिला पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.
शहर की तरह सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र में मिले
कलेक्टर ने कहा कि ग्राम पंचायतों में शहर के समान सुविकसित विकास की अवधारणा की कार्य योजना पर कार्य करने की आवश्यकता है. शहर की तरह ही सभी सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र में मिले, इस दिशा में ग्राम पंचायतों में भविष्य की योजना बनाकर कार्य किया जाए. आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण, स्कूल कैम्पस या को-लोकेशन में किया जाए. पेयजल, स्वच्छता एवं स्कूल ट्रांसपोटेशन की कार्य योजना एक से अधिक ग्राम पंचायतें, पायलेट प्रोजेक्ट वेस्ट पर शुरू करें. स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का सभी ग्राम पंचायतों में बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए.
ग्रामीण क्षेत्रों की जल संरचनाएं बनाएं
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की जल संरचनाएं बेहतर बनाने की दिशा में काम करें. ग्राम पंचायतों को वायोडायवरसिटी अधिकारों के क्रियान्वयन की आवश्यकता है यह पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा.
तालाबों, नदियों अजनाल, हलाली का गहरीकरण
कलेक्टर मिश्रा ने जिले की 222 ग्राम पंचायतों की समीक्षा करते हुए सभी ग्राम पंचायतों को स्वच्छता, जल संरक्षण एवं जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत तालाबों, नदियों कोलांश वाह्य नदी (अजनाल, हलाली) और बावडिय़ों का संरक्षण, गहरीकरण और सफाई कार्य नियत समय में पूर्ण किया जाए. जनभागीदारी से जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने व्यापक अभियान बनाकर कार्य करें.
