इंदौर: कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को पार्षद पद से बर्खास्तगी का फैसला निगम परिषद की बैठक में लिया जाएगा. आज भाजपा कार्यालय पर इसकी विधि और निगम अधिनियम के तहत कारवाई करने को लेकर बैठक में रणनीति बनाई गई है.आज सुबह बीजेपी कार्यालय पर महापौर, भाजपा पार्षदों और नगर अध्यक्ष के साथ बैठक हुई. वैसे तो बैठक में परिषद के कई मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन खास चर्चा कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाना मुख्य एजेंडा था.
भाजपा कार्यालय पर बैठक में तय हुआ कि कौन पार्षद कादरी को हटाने का प्रस्ताव रखेगा. इस विषय पर कौन कौन बीजेपी का पक्ष रखेगा. किस तरह से बहस होगी और बहस में कांग्रेस के प्रतिकार को कैसे दबाना है. जैसे कई बिंदुओं पर विचार कर रणनीति बनाई गई. रणनीति में तय हुआ कि आगामी 9 अक्टूबर को परिषद की बैठक में विकास के एजेंडे पर बाद में पहले कादरी को लेकर प्रस्ताव और फिर बहस के बाद पार्षदी से हटाने का निर्णय लिया जाएगा। बहुमत के आधार पर पार्षदी छीनी जाएगी.
महापौर ने संभागायुक्त को लिखा था पत्र
ध्यान रहे कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तत्कालीन संभागायुक्त दीपकसिंह को पत्र लिखकर कादरी को पार्षद पद से हटाने के लिए पत्र लिखा था. संभागायुक्त ने कादरी को अपना पक्ष रखने का नोटिस भेजा और शायद कादरी की ओर से अधिवक्ताओं ने नोटिस का जवाब दिया. शायद नगर निगम अधिनियम में संभागायुक्त को पार्षद पद से हटाने का संभवतः अधिकार नहीं है. इस कारण आज भाजपा कार्यालय पर परिषद की बैठक में बहुमत के आधार पर हटाने की रणनीति बनी है.
नोटिस किया जारी
कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को 9 अक्टूबर को आयोजित नगर निगम परिषद के सम्मेलन में उपस्थित होने या लिखित में जवाब देने के लिए नगर निगम सचिव ने नोटिस भिजवाया. फिलहाल कादरी जेल में बंद हैं, इसलिए वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकेंगे, लेकिन अपने वकील के माध्यम से अपना पक्ष प्रस्तुत करेंगे. नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 19(2) के तहत वार्ड क्रमांक 58 के पार्षद कादरी को नोटिस जारी कर उनके मकान पर चस्पा भी करवा दिया कर दिया, नोटिस में 9 अक्टूबर को 11 बजे नगर निगम परिषद हॉल, अटल सदन में आयोजित सम्मेलन में कादरी अपना पक्ष रख सकते हैं.
