इंदौर: शहर के नए पश्चिमी रिंग रोड बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो गया है. किसानों के खाते में पैसा ट्रांसफर करने का काम अंतिम दौर में है, जो इस माह के अंत तक पूरा हो जाएगा. नवंबर के पहले सप्ताह में 6 लेन चौड़ी सड़क का निर्माण कार्य एनएचएआई द्वारा शुरू करने की संभावना है.शहर की बहुप्रतीक्षित सड़क योजना पश्चिमी बायपास रोड का काम नवंबर में शुरू होगा. उक्त सड़क का ठेका मार्च 2024 में ही दिया जा चुका है.
यह सड़क कुल 158 किलोमीटर लंबी बनेगी. इसके लिए पहले चरण में सोनवाय से डकच्या तक 64 किलोमीटर लंबी 6 लेन चौड़ी सड़क बनाई जाएगी. उक्त सड़क निर्माण की मंजूरी केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जावरा में दी थी. इसके बाद गडकरी ने जमीन अधिग्रहित करने का कार्य जल्दी करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री को दिए थे. पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह ने विशेष समीक्षा बैठक में एनएचएआई द्वारा बनाई जाने वाली उक्त सड़क को लेकर तीन दिन में जमीन अधिग्रहण कार्य पूरा करने के आदेश भी दिए थे.
इस महीने पूरी होगी मुआवजा राशि
एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव ने बताया कि किसानों को मुआवजा राशि ट्रांसफर का कार्य इस महीने पूरा हो जाएगा. इसके बाद सड़क निर्माण नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू कर देंगे. निर्माण एजेंसी पहले ही तय कर चुके है.
सोनवाय से डकाच्या तक बनेगा 64 किलोमीटर पश्चिमी रिंग रोड
पश्चिमी रिंग रोड के पहले चरण में 64 किलोमीटर लंबा का हिस्सा बनेगा। 64 किलोमीटर लंबी 6 लेन चौड़ी पश्चिमी बायपास सड़क दो पैकेज में बनेगी।
पैकेज – 1 में पीथमपुर के खंडवा गांव से हातोद तक 30 किलोमीटर।
पैकेज – 2 में हातोद से देवास जिले के डकाच्या गांव एबी रोड तक 32 किलोमीटर.
31 गांव की 600 सौ हैक्टेयर भूमि अधिग्रहित
पश्चिमी बायपास सड़क के लिए 31 गांव की 600 सौ हैक्टेयर भूमि अधिग्रहण किया गया है. इसमें देपालपुर, सांवेर और हातोद तहसील के 26 गांव की जमीन और पीथमपुर तहसील के 5 गांव शामिल है.
2 हजार करोड़ रुपए में दिया निर्माण का ठेका
एनएचएआई ने 2 हजार करोड़ रुपए में 64 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण का ठेका अहमदाबाद की एमकेसी कंट्रक्शन कंपनी को दिया गया है. मार्च 2024 में ही सड़क निर्माण का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया था.
