नयी दिल्ली, 07 मई (वार्ता) आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को कहा कि अमृतसर और जालंधर में बम विस्फोट की घटना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘मिशन पंजाब’ के चुनावी रणनीति का ही एक हिस्सा है। आप सांसद संजय सिंह ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बुधवार को पंजाब में दो जगहों पर बम विस्फोट हुआ और उसके बाद भाजपा बौखलाकर बयानबाजी कर रही है। वर्ष 2017 में पंजाब चुनाव के पहले जब वहां अकाली दल और भाजपा की सरकार थी, तब ऐसे ही विस्फोट कराया गया था। आज तक उसका कोई अता-पता नहीं चला। तब सरकार भाजपा और अकाली दल की थी। अब यह घटना हुई तो बंगाल के चुनाव के तुरंत बाद भाजपा कह रही है कि अब उनका मिशन पंजाब है। भाजपा का ‘मिशन पंजाब’ पंजाब में विस्फोट कराना है तथा वहां का अमन-चैन बिगाड़ना, नफरत फैलाना और झगड़े कराना है।
श्री सिंह ने कहा, “भाजपाइयों का तो आईएसआई के साथ का पुराना इतिहास है। पुलवामा विस्फोट में हमारे जवान मारे गए, 350 किलो आरडीएक्स हिंदुस्तान की सीमा में कैसे आया, आज तक इसका पता नहीं चला। पहलगाम में हमारी बहनों के माथे के सिंदूर उजाड़े गए, उसको लेकर ऑपरेशन सिंदूर भी हो गया, लेकिन आज तक इन सवालों का जवाब नहीं मिला कि वहां से सुरक्षा किसके आदेश से हटाई गई थी। देश में शासन और जम्मू-कश्मीर की कानून व्यवस्था भाजपा के हाथ में है और वहां सुरक्षा हटा ली गई। आतंकवादी आए और लोगों को मार कर चले जाते हैं, लेकिन आज तक इस सवाल का जवाब नहीं मिला कि 350 किलो आरडीएक्स कहां से आया और पहलगाम की सुरक्षा क्यों हटाई गई?” श्री सिंह ने कहा कि अमृतसर और जालंधर में जो विस्फोट हुआ है, वह भाजपा की चुनावी राजनीति की शुरुआत है और उनके मिशन पंजाब का एक उदाहरण है। लेकिन मैं भाजपा के लोगों से कहना चाहता हूं कि यह पंजाब है और यहां का अमन-चैन बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, तो वहां की जनता मुंहतोड़ जवाब देगी और चुनाव में भाजपा की जमानतें भी जब्त कराएगी।
आप नेता ने कहा कि देश और पंजाब के लोगों को ऐसी घृणा फैलाने वाली, विस्फोट कराने वाली और नफरत फैलाने वाली पार्टी से सावधान रहना चाहिए। जम्मू-कश्मीर में भाजपा के अंदर तो लश्कर-ए-तैयबा का आदमी भी पकड़ा गया था, जो इनकी पार्टी का पदाधिकारी था और उसका सीधा रिश्ता लश्कर-ए-तैयबा के साथ था। मध्य प्रदेश में भी इनके कुछ कार्यकर्ता पकड़े गए थे जिनका रिश्ता आईएसआई के साथ था। इसलिए पूरी भाजपा को इतना बेचैन होने की जरूरत नहीं है कि उन्हें आईएसआई से कैसे जोड़ा गया, क्योंकि भाजपा के आईएसआई के साथ गहरे रिश्ते हैं। उन्हें ऐसी बेचैनी नहीं दिखानी चाहिए, क्योंकि उनकी चालबाजी पूरा देश समझने लगा है।

