सीहोर। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मामले की याद दिलाने वाला एक अत्यंत रोचक और चर्चित मामला सामने आया है. ग्राम बडऩगर स्थित श्रीराम जानकी अधिकारी मंदिर की बेशकीमती भूमि को प्रशासन ने अवैध कब्जे से मुक्त कराकर मंदिर प्रबंधन को सौंप दिया है. सबसे विशेष बात यह है कि देश के दूसरे सबसे चर्चित मामले के रूप में यहां स्वयं भगवान श्रीराम मुख्य अपीलकर्ता थे.
श्रीराम जानकी अधिकारी मंदिर के व्यवस्थापक महंत हरिदास गुरु गोपालदास ने बताया कि यह कानूनी विवाद पिछले करीब कई वर्षों से न्यायालय में चल रहा था. मंदिर की जमीन पर कुछ लोगों ने लंबे समय से अवैध कब्जा कर रखा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वयं भगवान श्रीराम की ओर से न्याय की गुहार लगाई थी. न्यायाधीश ने साक्ष्यों के आधार पर भगवान श्रीराम के पक्ष में फैसला सुनाते हुए धारा 250 के अंतर्गत जमीन को कब्जा मुक्त करने के आदेश जारी किए थे.
न्यायालय के आदेश के परिपालन में बुधवार को तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची. आरआई धीरेंद्र वर्मा, पटवारी श्रीमती बबीता जैन एवं तहसील के अन्य कर्मचारियों ने आधुनिक मशीनों के माध्यम से जमीन की सटीक नपती की. पूरी कार्यवाही के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से थाना कोतवाली का पुलिस बल तैनात रहा. औपचारिकताओं के बाद मौके पर ही जमीन का भौतिक कब्जा मंदिर के व्यवस्थापक महंत श्री हरिदास को सौंप दिया गया. यहां महंत रूपकिशोर दास भीलखेड़ा कालापीपल वाले, आचार्य पंडित संतोष भारद्वाज पीताम्बरा शक्ति मंदिर, वैसलाश राय, महेन्द्र राय आदि मौजूद थे. वर्षों पुराने इस विवाद के सुखद अंत और श्रीराम जी के पक्ष में न्याय होने पर श्रद्धालुओं में हर्ष का माहौल है. प्रशासन व पुलिस के सहयोग से संपन्न हुई इस कार्यवाही की काफी चर्चा है.
