
दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव बुधवार सुबह अचानक जिला अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंच गए.जहां उनके सामने मरीजों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी.मरीजों के सामने ही कलेक्टर सिविल सर्जन पर नाराज हुए और कहा कि जब मरीज आपके सामने ही सच्चाई बता रहे हैं. तो अब आप इसके आगे क्या कहेंगे.इस दौरान कलेक्टर को अनियमितताएं मिली. जिसे सुधारने के निर्देश दिए गए. साथ ही अनुपस्थित डॉक्टर और कर्मचारियों के वेतन काटने के निर्देश भी कलेक्टर के द्वारा दिए गए हैं. कलेक्टर बिना बताए अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंचे थे. जैसे ही वह अस्पताल पहुंचे अधिकारी भी अचंभित रह गए. इसके बाद एसडीएम प्रभारी रचना प्रजापति, तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी,सिविल सर्जन डॉक्टर प्रहलाद पटेल, डॉ दिवाकर पटेल, डॉ मुकेश जैन, डॉक्टर मनीष संगतानी, डॉक्टर श्रद्धा गंगले व अन्य डॉक्टरों के साथ कलेक्टर ने अस्पताल का निरीक्षण किया. यहां ओपीडी में ड्यूटी डॉक्टर कम संख्या में मौजूद थे, कई कर्मचारी अनुपस्थित थे.इसके अलावा अस्पताल के मेन गेट पर स्टेचर व व्हीलचेयर की कमी थी. कलेक्टर गुस्से में सिविल सर्जन को आवश्यक निर्देश दिए और कहा कि जब पिछले दिनों निर्देश दिए थे. तो उनका पालन क्यों नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि 24 घंटे एक स्ट्रेचर या व्हीलचेयर अस्पताल के गेट पर रखी रहनी चाहिए. यदि आपका अटेंडर मौजूद नहीं रहता तो मरीज के परिजन स्वयं से अंदर ले जाते. है.इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि उन्हें 5 माह से वेतन नहीं मिला. जिस पर कलेक्टर ने तत्काल सिविल सर्जन ने फटकारा और कहा कि उनकी समस्या का निराकरण क्यों नहीं किया.यदि पैसे नहीं मिलेंगे तो घर कैसे चलाएंगे. यदि आप पैसे नहीं दे रहे तो काम क्यों ले रहे हैं.
*हेल्थ कमिश्नर भोपाल को फोन लगाया*
उन्होंने तत्काल ही हेल्थ कमिश्नर डॉ एस.धनराजू भोपाल को फोन लगाया और सफाई, सुरक्षा कर्मी व लॉन्ड्री का बकाया भुगतान करने की बात कही.कई गर्भवती महिलाओं के परिजनों ने बताया कि डॉक्टर उनका अच्छे से इलाज नहीं करते. अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन है लेकिन यहां सोनोग्राफी नहीं होती. वह हजार रुपए खर्च कर बाहर से सोनोग्राफी कराने के लिए मजबूर हैं.कलेक्टर श्री यादव ने तत्काल ही सिविल सर्जन को निर्देश दिए की सोनोग्राफी मशीन चालू करने के लिए बाहर से किसी विशेषज्ञ को बुलाया जाए. यदि करोड़ों रुपए की मशीन रखी है तो उसका लाभ मरीजों को मिलना चाहिए.
कलेक्टर ने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि वह आगे फिर इसी प्रकार का निरीक्षण करेंगे. यदि इस बार अनियमितता मिली तो ठोस कार्रवाई की जाएगी.
ओपीडी चेंबर में कई डॉक्टर अनुपस्थित-कलेक्टर
अपने निरीक्षण के संबंध में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि उन्होंने औचक निरीक्षण किया था.अस्पताल के ओपीडी चेंबर में कई डॉक्टर अनुपस्थित थे और मरीज इलाज के लिए परेशान हो रहे थे. कई कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले हैं. यदि डॉक्टर समय पर नहीं आएंगे तो मरीजों का इलाज कैसे होगा और सभी मरीजों का इलाज एक दिन में संभव नहीं हो पाएगा. गर्भवती महिलाओं ने बताया कि उनका इलाज ठीक तरीके से नहीं हो रहा है. हमारा प्रयास है कि गर्भवती महिलाओं का 100 प्रतिशत पूर्ण इलाज होना चाहिए.सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मी इन कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला. साथ ही लॉन्ड्री का भी भुगतान नहीं हुआ है.हमने तत्काल हेल्थ कमिश्नर से भोपाल में बात की है ताकि बजट जल्दी मिल जाए तो कर्मचारियों का भुगतान समय पर हो जाए. इसके अलावा जो कर्मचारी अनुपस्थित हैं.उनके सार्थक एप की अटेंडेंस सिविल सर्जन से मांगी है. ताकि अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन काटने की कार्रवाई की जाए. आज यहां यह देखने में मिला है कि डॉक्टर समय पर नहीं आ रहे, कर्मचारी मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे. इसके संबंध में भी सागर की जॉइंट डायरेक्टर से बात की है और उन्हें कहा है कि आप केवल सागर में न बैठे दमोह जिला अस्पताल का भी निरीक्षण करें. ताकि यहां की व्यवस्थाओं में सुधार हो सके और मरीजों को समय पर इलाज मिले.
