नयी दिल्ली, (वार्ता) खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता के अलग-अलग कारोबारों के विघटन के बाद कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस कदम से हर क्षेत्र में कंपनी निखरेगी।
श्री अग्रवाल ने मंगलवार को शेयरधारकों के नाम एक पत्र में लिखा कि अब विकास का अगला चरण शुरू होने जा रहा है। गत 01 मई से लागू विघटन का मतलब है कि अब कंपनी के अलग-अलग कारोबार अब स्वतंत्र कंपनियां बनेंगे। हर कंपनी अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करेगी और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मानकों पर खरा उतरेगी। इससे हर कारोबार अपने आप में एक अलग “वेदांता” बनेगा।
उन्होंने कहा कि वेदांता एल्युमिनियम यूरोप, एशिया, पश्चिम एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक बने रहने के लिए मज़बूत स्थिति में है। कंपनी का लक्ष्य उत्पादन क्षमता को दोगुना कर 60 लाख टन प्रति वर्ष करने का है।
वेदांता ऑयल एंड गैस इस क्षेत्र में एक प्रमुख निजी कंपनी है जिसके पास उच्च गुणवत्ता का बैलेंस पेट्रोलियम और बेहतरीन रिज़र्व हैं। कंपनी उत्पादन को तीन लाख से पांच बैरल प्रति दिन तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है। पिछले 10 साल में करीब 14.5 अरब डॉलर का निवेश किया गया है और नये रिज़र्व के साथ कंपनी का प्राकृतिक गैस का पोर्टफोलियो भी मज़बूत हुआ है।
वेदांता पावर देश की तेजी से बढ़ती बिजली कंपनियों में से एक बन रही है। अभी उसके पास 4.2 गीगा वॉट की क्षमता है और 12 गीगावॉट विस्तार की योजना कार्याधीन है। नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा पर जोर देने से कंपनी का हरित ऊर्जा पोर्टफोलियो मज़बूत होगा और यह देश की शीर्ष तीन बिजली कंपनियों शामिल होने की दिशा में अग्रसर होगी।
वेदांता आयरन एंड स्टील भविष्य के लिए तैयार हरित इस्पात कंपनी के रूप में विकसित हो रही है। अभी इस्पात उत्पादन क्षमता 40 लाख टन प्रति वर्ष है (गोवा और कर्नाटक) जिसे बढ़ाकर 100 लाख टन प्रति वर्ष किया जायेगा। साथ ही लौह अयस्क की उपलब्धता को मजबूत करने के लिए ओडिशा और कर्नाटक में क्षमता विस्तार हो रहा है, जिससे आगे चलकर क्षमता 150 लाख टन प्रति वर्ष तक बढ़ सकती है।
श्री अग्रवाल ने बताया कि समूह की मुख्य कंपनी वेदांता लिमिटेड हिंदुस्तान जिंक में करीब 60 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेगी। हिंदुस्तान जिंक देश की बड़ी और एकमात्र जिंक, लेड और सिल्वर उत्पादक है। यह क्रिटिकल मिनरल्स पर भी काम कर रही है, जो देश की आत्मनिर्भरता के लिए जरूरी है। यह देश का एकमात्र निकेल उत्पादक है।
पत्र में बताया गया है कि कंपनी भविष्य के लिए निवेश कर रही है। श्री अग्रवाल ने लिखा, “भविष्य के लिए हमारी सोच साफ है – एक प्रतिस्पर्धी, बढ़त और मूल्यवर्धक वेदांता समूह बनाना।”
वेदांता समूह ने वित्त वर्ष 2025-26 में 25,096 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफा कमाया था। उसकी कुल आय 1,74,075 करोड़ रुपये रही थी।
