कोल्हापुर, (वार्ता) बॉम्बे उच्च न्यायालय की कोल्हापुर खंडपीठ ने महाराष्ट्र में सिंधुदुर्ग ज़िले के पालक मंत्री नितेश राणे की एक महीने की जेल की सज़ा पर रोक लगा दी है।
वकील संग्राम देसाई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार चार जुलाई 2019 को कंकावली में मुंबई-गोवा हाईवे पर हुए मिट्टी फेंकने के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में तत्कालीन विधायक नितेश राणे के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था।
अदालत ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया है। हालाँकि, उन्हें सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में भादंस की धारा 504 के तहत दोषी ठहराया गया और एक महीने की जेल तथा एक लाख रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई।
ज़िला अदालत के इस फैसले को मंत्री राणे की ओर से कोल्हापुर न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उन्होंने अपील के नतीजे आने तक सज़ा के अमल पर रोक लगाने के लिए भी अर्ज़ी दी थी।
सोमवार को दोनों पक्षों ने इस मामले पर बहस की।
न्यायाधीश ने राणे द्वारा पेश की गई दलीलों और कानूनी प्रावधानों पर विचार करते हुए उन पर लगाई गई जेल की सज़ा पर रोक लगाने का फैसला किया।
