तेल अवीव, 05 मई (वार्ता) ईरान और पश्चिम एशियाई क्षेत्र की वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति को लेकर इजरायल अमेरिका के साथ सक्रिय है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव ने अब संघर्ष विराम के पटरी से उतरने का खतरा पैदा कर दिया है।
इजरायली स्रोत के अनुसार, इस सहयोग में ईरान पर संभावित नये दौर के हमलों की तैयारी शामिल है, जो मुख्य रूप से ऊर्जा बुनियादी ढांचे और वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की लक्षित हत्याओं पर केंद्रित होगी। स्रोत के अनुसार, इनमें से अधिकतर योजनाएं अप्रैल की शुरुआत में संघर्ष विराम से पहले काफी हद तक कार्यान्वयन के लिए तैयार थीं।
सूत्र ने सीएनएन को बताया, ” अब इस समय उनका इरादा एक छोटा अभियान चलाने का होगा। इसका उद्देश्य ईरान को वार्ता में और रियायतें देने के लिए मजबूर करना है।”
सूत्र ने इस बात पर जोर दिया कि शत्रुता को फिर से शुरू करने का कोई भी फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर करता है। प्रशासन के भीतर जहां अधिकारियों ने ईरान के साथ बातचीत में कूटनीतिक गतिरोध और अमेरिका के होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में असमर्थता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह श्री ट्रंप की बढ़ती निराशा का संकेत है। वहीं श्री ट्रंप ने यह संकेत भी दिया है कि वह ईरान के साथ बड़े स्तर पर फिर से शत्रुता शुरू करना नहीं चाहते हैं।
एक इजरायली अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि इजरायल शुरू से ही संघर्ष विराम और ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत की संभावनाओं को लेकर काफी हद तक संशय में रहा है। हालांकि, सोमवार को खाड़ी की ओर ईरान के किये ताजा मिसाइल हमलों ने संभावित सैन्य तनाव की तैयारियों को और तेज कर दिया है।
मामले के जानकार इजरायली सूत्र के अनुसार, पिछले एक हफ्ते से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सीमित स्तर पर परामर्श कर रहे हैं और अपने सहायकों के साथ कड़ाई से नियंत्रित सुरक्षा मंचों में चर्चा कर रहे हैं। श्री नेतन्याहू ने मंत्रियों को ईरान पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी न करने के निर्देश भी दिये हैं।
