
सौसर। एसडीएम प्रियंक मिश्रा द्वारा मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र बोरगांव का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में संचालित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की कार्यप्रणाली, मूलभूत सुविधाओं और अधोसंरचना की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया।
मूलभूत सुविधाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छता, जल निकासी (ड्रेनेज), सड़कों की स्थिति, निर्बाध विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा मानकों का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। किसी भी तकनीकी या बुनियादी समस्या का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
उद्यमियों से संवाद कर किया समाधान
मिश्रा ने औद्योगिक इकाइयों के संचालकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्र का सुव्यवस्थित संचालन क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति का आधार है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
*प्रदूषण नियंत्रण पर सख्त रुख*
निरीक्षण का मुख्य केंद्र बिंदु पर्यावरण सुरक्षा रहा। एसडीएम ने इकाइयों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्रणाली की कार्यक्षमता का परीक्षण किया। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में प्रदूषित जल का बहाव परिसर से बाहर नहीं होना चाहिए। नवभारत से चर्चा में श्री मिश्रा ने कहा कि क्षेत्रीय विकास के लिए उद्योगों का संचालन आवश्यक है, लेकिन पर्यावरणीय मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की जांच के लिए मौके पर प्रदूषित पानी की सैंपलिंग की गई, जिसे परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी एवं राजस्व अमला मुख्य रूप से उपस्थित रहा।
