विजय सेवा न्यास में गूंजे होली के तराने, खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ खेली होली

बैतूल। रंग, उमंग और भाईचारे के साथ बुधवार को बैतूल जिले में धुरेंडी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही शहर के मोहल्लों, चौक-चौराहों और गलियों में रंगों की बौछारें दिखाई देने लगीं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर शुभकामनाएं देते नजर आए। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, शहर पूरी तरह रंगों से सराबोर हो गया।

धुरेंडी के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने विजय सेवा न्यास कार्यालय में कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नागरिकों के साथ होली खेली। उन्होंने सभी को रंग-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं और आपसी सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। उनके निवास पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जहां उन्होंने आत्मीय मुलाकात कर बधाई स्वीकार की।

हेमंत खंडेलवाल ने अपने पुराने पैतृक निवास को अपने स्वर्गीय पिता एवं पूर्व सांसद विजय कुमार खंडेलवाल की स्मृति में ‘विजय सेवा न्यास’ के रूप में विकसित किया है। यह स्थान अब सामाजिक और जनसेवा गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। धुरेंडी के अवसर पर यही परिसर रंगों और उत्साह का केंद्र बना रहा। कार्यकर्ताओं ने यहां पारंपरिक ढंग से होली खेली और मिठाइयों का वितरण किया।

हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि त्योहार को शालीनता और जिम्मेदारी के साथ मनाएं तथा सामाजिक एकता को मजबूत करें।

धुरेंडी के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने शहर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। लगभग 40 स्थानों पर स्थायी पिकेट बनाकर पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा 9 मोबाइल इकाइयां लगातार गश्त कर रही थीं। प्रशासन की ओर से तेज रफ्तार वाहन चलाने, हुड़दंग या जबरन रंग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

सुबह के समय माहौल अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन दोपहर तक समूहों में लोग सड़कों पर निकल आए। कई स्थानों पर ध्वनि यंत्र और पारंपरिक गीत-संगीत के साथ युवाओं ने नृत्य किया। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

बैतूल में सामान्यतः पंचमी के दिन बड़े आयोजन होते हैं और धुरेंडी सीमित रूप में मनाई जाती है। इस बार चंद्रग्रहण के कारण धुरेंडी एक दिन देरी से मनाई गई। कुछ स्थानों पर होलिका दहन मंगलवार रात को हुआ, जबकि कुछ जगह सोमवार रात को भी दहन किया गया था। इसके बावजूद उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।

शहर के बाजारों में भी सुबह से चहल-पहल रही। रंग, गुलाल और पिचकारियों की दुकानों पर बच्चों की भीड़ नजर आई। मिठाई की दुकानों पर गुझिया और अन्य पकवानों की खूब बिक्री हुई।

धुरेंडी के अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी सामूहिक होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किए। कई स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलते हुए सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया। कुल मिलाकर बैतूल में धुरेंडी का त्योहार हर्ष, उल्लास और शांति के वातावरण में संपन्न हुआ।

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