
भोपाल। मध्यप्रदेश में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में कथित अनियमितताओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने अपना आंदोलन तेज करते हुए मंगलवार को उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को विस्तृत डोजियर सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी और एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में फर्जी अस्पतालों का संचालन, नर्सिंग कॉलेजों में फर्जी फैकल्टी की नियुक्ति और आयुष्मान योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
एनएसयूआई नेताओं ने दावा किया कि कई जिलों में जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय दोषी संस्थानों को संरक्षण दे रहे हैं। रवि परमार ने विशेष रूप से भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष शर्मा पर बिना मानकों के अस्पतालों को संचालित होने देने और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि संलिप्त अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
एनएसयूआई ने स्वास्थ्य व्यवस्था में जनविश्वास बहाल करने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
