भोपाल। प्रदेश में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को आधुनिक तकनीकी से सुसज्जित करने की तैयारी की जा रही है. जिसके लिए प्रदेश सरकार ने गरुड़ पोर्टल बनाया है, जिस पर प्रदेश के 52 में से 42 सीेवेज ट्रीटमेट प्लांट का डाटा अपडेट किया जाएगा. वर्तमान में इसकी पहल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) के द्वारा की गई है. जिससेे प्रदेश के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की केंद्रीकृत रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी. इससे सीवेज प्रबंधन की गुणवत्ता को और अधिक बेहतर बनाया जा सकेगा. मध्यप्रदेश में अपनी तरह की यह प्रथम केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली है, जिससे राज्य में पर्यावरण संरक्षण, जल गुणवत्ता के संवर्धन एवं नगरीय स्वच्छता के संकल्प को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी.
जल गुणवत्ता मापदंडों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग होगी मजबूत
आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि विभाग के अंतर्गत संचालित कुल 42 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में अत्याधुनिक एससीएडीए सह ओसीईएमएस प्रणाली लागू कर दिया गया है. इस प्रणाली से अब बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड, केमिकल ऑक्सीजन डिमांड सीओडी, पीएच एवं टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स जैसे सभी प्रमुख जल गुणवत्ता मापदंडों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है.
