भीलवाड़ा 03 मई (वार्ता) राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने जनप्रतिनिधियों के ईमानदारी के साथ जनता के बीच में रहकर एवं जन-भावनाओं को सुनकर उसके आधार पर काम करने की जरुरत बताते हुए कहा है कि बदलते समय के साथ जब जमाना बदलता है, तब सोच बदलती है, तो काम करने के तौर-तरीके भी बदलने चाहिए।
श्री पायलट भीलवाड़ा के बैकुंठ धाम बरनाघर आसीन्द में आयोजित भगवान श्री देवनारायणजी के 51कुण्डात्मक विष्णु महायज्ञ एवं मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शिरकत के अवसर पर रविवार को मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जीतने के बाद सबको साथ लेकर चलना, सबका समूचा विकास करना, बिना भेदभाव के लोगों की सेवा करना, यह धर्म एवं कर्तव्य है और यह संविधान में भी है जो जनप्रतिनिधियों को करना है।
उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ बहुत कुछ बदल रहा है। सामाजिक परिस्थिति बदल रही है, देश का स्वरूप बदल रहा है। नई पीढ़ी की नई सोच, नई अपेक्षाएं, नए साधन, नए तंत्र, नई चीजें दुनिया में पैदा हो गई हैं। बदलते समय के साथ जब जमाना बदलता है, तब सोच बदलती है, तो हमें अपने काम करने के तौर-तरीके बदलने चाहिए और बदलने पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि लेकिन प्रतिस्पर्धा के इस दौर में जहां सबको आगे जाना है, उन्नति करनी है, हम सबको अपनी संस्कृति, अपनी परंपराएं, अपना इतिहास और अपनी जड़ों को नहीं भूलना है। जब लोग संपन्न हो जाते हैं, बड़े पदों पर बैठ जाते हैं, भूल जाते हैं शुरुआत कहां से हुई, किन लोगों के कंधों पर चढ़ के कहां पहुंचा। घोड़े-गाड़ी हो जाए, अच्छा पद मिल जाए, तो अक्सर लोग भूल जाते है। पहुंचे कहां से थे, निकले कहां से थे।
श्री पायलट ने कहा कि जीवन संपर्क अपनी जड़ों के साथ, अपने लोगों के साथ रखना चाहिए। किन परिस्थितियों में आप आगे बढ़े, जो व्यक्ति उन इतिहास के क्षणों को याद रखता है, क्योंकि हमारे जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा कहते है कि जब चढ़ने का समय आए तो उन लोगों का ध्यान रखो जो तुम्हें चढ़ा रहे हैं वही जब उतरोंगे तो वही लोग तुम्हारा हाथ पकड़ेंगे।
श्री पायलट ने कहा ” और यह राजनीति में बहुत जरूरी है। नौजवान हमारे बहुत से साथी मौजूद हैं, मेरा उनसे आग्रह है कि आज हम लोक देवताओं की पूजा करते हैं, वो किसी की भी बात करें। देवनारायणजी हों, तेजाजी हों, भगवान हर लोक देवता ने हमेशा ये कहा कि सबको साथ लेकर चलना है, प्रेम-भाईचारा लोगों में बांटना है। कभी नफरत की बात नहीं की। द्वेष की बात नहीं की। हिंसा की बात किसी के काम नहीं आई।”
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है हिंदुस्तान की जमीन पर जितने देवी-देवता हुए हैं, जितनों को हम पूजते हैं, सबने एक ही बात बोली है मानव जाति के सब लोग हमारे साथ रहने चाहिए, एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए और इस जमाने में हमें एक ही वरदान देना है बच्चों को वो है शिक्षा और संस्कार एवं शिक्षा अगर हम अपनी नई पीढ़ी को देते हैं, तो निश्चित रूप से क्षेत्र का विकास होगा, समाज का विकास होगा, प्रदेश, जिले, देश का विकास होगा। जो व्यक्ति पढ़ गया, उसमें शालीनता आएगी, संस्कार आएंगे, समझ आएगी, अपने पैर पर खड़े होने की ताकत आएगी।
उन्होंने कह कि आज जो हालात देश में हैं, छुपे नहीं हैं। बेरोजगारी, महंगाई आसमान छू रही है। इस देश का अन्नदाता , जो इस देश की रीढ़ की हड्डी है, उस पर क्या गुजर रही है। हम सब जानते हैं। अपने आप को संभालना होगा, अच्छे लोगों का चयन करना होगा। साथियों को एकजुटता का प्रदर्शन देना होगा और नई पीढ़ी को यह समय आपका है जीवन, आपका है रास्ता, आपको सोच-समझकर तय करना है।
श्री पायलट ने कहा कि राजस्थान में पिछले दो-ढाई साल से भुगत रहे है लेकिन अब जो भी हो, दो-ढाई साल और भुगतना पड़ेगा और जब समय आएगा। तब सही जनता के लिए होगा।
