
बैतूल। बैतूल जिले में 322.33 करोड़ रुपये की लागत से बन रही मेढ़ा समूह जल एवं सिंचाई परियोजना की धीमी प्रगति पर कलेक्टर डॉ सौरभ संजय सोनवणे ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने भैंसदेही जनपद के ग्राम मेढ़ा पहुंचकर बांध और संबंधित निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों और ठेकेदार को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अतिरिक्त जनशक्ति लगाने और आवश्यकता पड़ने पर दो पाली में काम संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा किया जा सके। उन्होंने परियोजना की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने की बात भी कही और स्वयं हर माह निरीक्षण करने का निर्णय लिया।
मेढ़ा समूह जल योजना के तहत जिले के 241 गांवों को पेयजल उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। यह योजना जिले की कुल 618.1 करोड़ रुपये की चार समूह जल योजनाओं का हिस्सा है, जिनसे 545 गांवों को लाभ मिलना है। हालांकि, पूर्व में कार्य की गति बेहद धीमी रही, जिसके चलते करीब नौ माह पहले तक मेंढ़ा, वर्धा और गढ़ा परियोजनाओं में केवल 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया था।
जल शोधन संयंत्र, पाइपलाइन और घरेलू कनेक्शन जैसे महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं होने के कारण हाल ही में मेंढ़ा और वर्धा परियोजनाओं के ठेके निरस्त कर दिए गए थे और पुनः निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने 28 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र, 33.67 एमएलडी इंटेक वेल, पंप स्टेशन और पाइपलाइन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और प्रत्येक माह का लक्ष्य तय कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान पाइपलाइन का एक हिस्सा वन क्षेत्र से गुजरने के कारण लंबित वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र का मुद्दा भी सामने आया। कलेक्टर ने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर इस प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
कलेक्टर ने डूब प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने एसडीएम भैंसदेही अजीत मरावी को निर्देश दिया कि मुआवजा, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों के निराकरण के लिए तीन दिनों के भीतर गांव में शिविर आयोजित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और ठेकेदार प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
