नयी दिल्ली 01 मई (वार्ता) सरकार ने कहा है कि तेल विपणन कंपनियों ने पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतर्राष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमतों में संतुलित मूल्य संशोधन किया है और पेट्रोल, डीज़ल तथा घरेलू एलपीजी (नियमित घरेलू उपयोग के लिए 14.2 किलोग्राम सिलेंडर) के खुदरा मूल्य में कोई बदलाव नहीं किया है।
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि देश में कच्चे तेल और रसोई गैस का पर्याप्त भंडार है और किसी भी गैस एजेन्सी या पेट्रोल पंप पर कमी नहीं देखी गयी है इसलिए लोगों को घबराहट में खरीददारी से बचना चाहिए।
सरकार ने एक वक्तव्य जारी कर पश्चिम एशिया संकट के कारण उपजी स्थिति के बारे में बताया है कि वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में बढोतरी अंतर्राष्ट्रीय बाजार के रूझानों के आधार पर की गयी है और घरेलू इस्तेमाल की गैस की कीमत नहीं बढायी गयी है।
वक्तव्य में कहा गया है कि गुरुवार को लगभग 49.8 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की गयी।
सरकार ने बताया है कि देश भर में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाज़ारी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान हैं। गुरुवार को देश भर में 2300 से अधिक छापे मारे गए। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने आकस्मिक निरीक्षणों को मज़बूत किया है और कल तक 342 एलपीजी वितरकियों पर दंड लगाए गए हैं तथा 73 एलपीजी वितरकियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा 46 एलपीजी वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, 6 पर दंड लगाया गया और एक वितरक को निलंबन के अधीन रखा गया है।
