
छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामों के विस्थापन और मुआवजे को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित नहीं रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बाहरी तत्वों द्वारा फैलाई जा रही किसी भी अफवाह में न आएं।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर जैसवाल ने आश्वासन दिया कि विस्थापन के बाद ग्रामीण जिस भी स्थान पर सामूहिक रूप से निवास बनाएंगे, वहां प्रशासन द्वारा बिजली, सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी तमाम मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल विस्थापन नहीं, बल्कि बेहतर पुनर्वास है।
सर्वे कार्य जारी: दस्तावेज पूरे करने की अपील
कलेक्टर ने बताया कि मुआवजे और पैकेज के लिए दोबारा सर्वे का कार्य चल रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सर्वे टीम का सहयोग करें और यदि कोई दस्तावेज अधूरा है, तो उसे तत्काल उपलब्ध कराएं।
बेटियों के लिए राहत: ऐसी बेटियां जिनकी शादी वर्ष 2024 के बाद हुई है, वे विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर विशेष पैकेज का लाभ ले सकती हैं।
हिस्सेदारी का समाधान: यदि किसी जमीन में कई हिस्सेदार हैं और कुछ अनुपस्थित हैं, तो भी मौके पर मौजूद हिस्सेदारों को उनके हिस्से का मुआवजा नियमानुसार दिया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: गुप्त रूप से दें जानकारी
प्रशासन ने पारदर्शिता बरतते हुए एक बड़ी घोषणा की है। कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी अपात्र या बाहरी व्यक्ति को लाभ मिला है या किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है, तो ग्रामीण उसकी सूचना सीधे कलेक्टर कार्यालय में दे सकते हैं। यदि कोई खुलकर सामने नहीं आना चाहता, तो वह ‘गुप्त रूप से’ भी जानकारी साझा कर सकता है, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
एसपी अगम जैन ने कानून-व्यवस्था पर की चर्चा
बैठक में उपस्थित पुलिस अधीक्षक (SP) अगम जैन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विस्थापन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, इसमें पुलिस प्रशासन पूरी मदद करेगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया और एसडीएम बिजावर विजय द्विवेदी भी मौजूद रहे।
