
राजनगर। तालगांव में बीती शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां तेज आंधी और तूफान के दौरान घर की छत पर काम कर रही एक 10 वर्षीय बच्ची संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गई। ऊंचाई से गिरने के कारण बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
चुनरी बनी हादसे का कारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज आंधी चलने लगी। इसी दौरान ब्रजभारत पटेल की 10 वर्षीय पुत्री रूबी छत पर रखे गेहूं समेटने के लिए ऊपर गई थी। बताया जा रहा है कि रूबी ने सिर पर चुनरी ओढ़ रखी थी। आंधी के दौरान चुनरी में अचानक हवा भर गई, जिससे बने दबाव के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाई।
मुंडेर न होने से सीधे 12 फीट नीचे गिरी
हादसे की मुख्य वजह छत पर मुंडेर (बाउंड्री वाल) का न होना बताया जा रहा है। असंतुलित होते ही बच्ची करीब 10 से 12 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरी। पत्थर और कठोर जमीन पर गिरने से वह मौके पर ही बेहोश हो गई। गिरने के कारण उसके मुंह और दांतों में गंभीर चोटें आई हैं, साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों में भी अंदरूनी चोटों की आशंका जताई जा रही है।
जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में उपचार जारी
परिजनों ने तत्काल घायल बच्ची को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल बच्ची को जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उचित उपचार दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ रही भारी
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मुंडेर के मकानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भवन निर्माण विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग लापरवाही में या खर्च बचाने के चक्कर में छत पर रेलिंग या मुंडेर नहीं बनवाते, जो विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
