तिरुवनंतपुरम, 30 अप्रैल (वार्ता) चुनाव आयोग ने मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने और बिना इजाजत किसी के भी अंदर आने से रोकने के मद्देनजर क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू करने का ऐलान किया है।
यह नयी प्रणाली 04 मई से केरल, असम, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की मतगणना के दिन से शुरू होगी। इसके साथ ही पांच राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनावों के वोटों की गिनती भी इसी दिन से होगी। इस प्रणाली को भविष्य में होने वाले सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी लागू किया जाएगा।
इस पहल के तहत ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म में एक क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र मॉड्यूल जोड़ा गया है। इसके जरिए मतगणना केंद्रों में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को प्रवेश करने से रोकना है। यह कदम पिछले एक साल में आयोग द्वारा चुनाव प्रबंधन और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए किए गए 30 से अधिक सुधारों का ही एक हिस्सा है।
चुनाव आयोग ने जांच-पड़ताल को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से त्री-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। पहले दो स्तरों पर पहचान पत्रों की जांच की जाएगी, जबकि मतगणना भवन के पास सबसे अंदरूनी सुरक्षा घेरे में प्रवेश की अनुमति केवल क्यू कोड की सफल स्कैनिंग के बाद ही दी जाएगी। ये नये पहचान पत्र सभी अधिकृत कर्मियों को जारी किए जाएंगे, जिनमें रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मतगणनाकर्मी, तकनीकी टीमें, उम्मीदवार और चुनाव एजेंट शामिल हैं। इसके अलावा अधिकृत पत्रकारों के लिए मतगणना भवन के पास मीडिया केंद्र भी बनाए जाएंगे। मीडियाकर्मियों का प्रवेश मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत आयोग द्वारा जारी किए गए अधिकार पत्रों के आधार पर ही जारी रहेगा।
चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को इस नयी प्रणाली को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। बिना किसी रुकावट के और सुरक्षित प्रवेश नियंत्रण बनाए रखने के लिए निर्धारित जांच-चौकियों पर प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात किया जाएगा।
आयोग ने जोर दिया कि इन उपायों का मकसद मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना है।
