पटना | बिहार की राजनीति के कद्दावर नेता और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शनिवार सुबह स्वास्थ्य संबंधी गंभीर दिक्कतों के चलते पटना के PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) में भर्ती कराया गया है। 1995 के एक पुराने कानूनी मामले में गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनकी तबीयत खराब होने लगी थी। शुरुआत में उन्हें IGIMS में ले जाया गया था, लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर डॉक्टरों की विशेष टीम ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए PMCH रेफर कर दिया। फिलहाल वे पुलिस हिरासत में उपचाराधीन हैं और डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी कर रही है।
पप्पू यादव की इस मुश्किल की जड़ वर्ष 1995 के एक धोखाधड़ी मामले में जुड़ी है। यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल द्वारा दर्ज कराया गया था। आरोप है कि पप्पू यादव ने नियमों का उल्लंघन करते हुए एक मकान किराए पर लिया और यह जानकारी छिपाई कि इसका उपयोग सांसद कार्यालय के रूप में किया जाएगा। लंबे समय तक अदालत में पेश न होने और समन की अनदेखी के बाद, पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती और गिरफ्तारी का सख्त आदेश जारी किया था, जिसके अनुपालन में पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
सांसद की गिरफ्तारी और खराब स्वास्थ्य की खबर मिलते ही पटना में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। PMCH परिसर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थकों का जमावड़ा लग गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। समर्थकों ने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है, जबकि पुलिस इसे केवल अदालती आदेश का पालन कह रही है। अस्पताल प्रबंधन ने भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि इलाज में बाधा न आए। वहीं, पप्पू यादव की कानूनी टीम उनकी जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है।

