कर्मचारी संगठनों का एलान: मांगें नहीं मानी गईं तो विधानसभा सत्र में होगा आंदोलन

भोपाल। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ और मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच द्वारा वल्लभ भवन गेट क्रमांक-06 के सामने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से मंत्रालयीन कर्मचारियों सहित प्रदेश के अन्य शासकीय कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित किया गया। खरमास की अवधि समाप्त होने के बाद यह आंदोलन का प्रथम सांकेतिक चरण बताया गया।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि इस चरण के बाद भी कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आता है, तो आगामी माह होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान और अधिक व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, निगम-मंडल कर्मचारी संघ, परिवहन कर्मचारी संघ तथा वन कर्मचारी संघ सहित कई कर्मचारी संगठनों ने समर्थन देते हुए सहभागिता की।

प्रदर्शन को मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक तथा कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पाण्डे ने संबोधित किया। कर्मचारी नेता श्याम सुंदर शर्मा और तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष विजय मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। बड़ी संख्या में मंत्रालयीन कर्मचारी, जिनमें आउटसोर्स और स्थायी कर्मचारी शामिल थे, प्रदर्शन में उपस्थित रहे।

प्रदर्शन के उपरांत पुलिस व्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव के कार्यालय में लंबित मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने चौथा समयमान वेतनमान, लंबित महंगाई भत्ता, पुरानी पेंशन बहाली, पदोन्नति संबंधी समस्याओं के समाधान तथा कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसी मांगों को दोहराया।

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