नयी दिल्ली 30 अप्रैल (वार्ता) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कहा है कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ब्रह्मोस एयरोस्पेस का राजस्व 5200 करोड़ रु के पार जाना इसका बड़ा उदाहरण है।
डीआरडीओ ने कहा है कि यही नहीं वर्ष 2025-26 में ब्रह्मोस एयरोस्पेस को 4000 करोड़ के दो निर्यात ऑर्डर भी मिले हैं।
डीआरडीओ ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी देते हुए कहा,”आत्मनिर्भर रक्षा की ओर एक बड़ा कदम । ब्रह्मोस एयरोस्पेस का राजस्व वर्ष 2025-2026 के लिए 5200 करोड़ रुपए को पार कर गया है। नया लखनऊ संयंत्र संचालन शुरू होने के एक वर्ष के भीतर ही मिसाइलों की पहली खेप तैयार कर रहा है।”
डी आर डी ओ ने कहा कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस वैश्विक बाजार में भी अपनी उपस्थिति लगातार बढ़ा रहा है और वर्ष 2025-26 में 4000 करोड़ रु के दो निर्यात ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो निर्धारित रक्षा निर्यात लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण हैं।
डी आर डी ओ ने कहा कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस निर्धारित समय सीमा के भीतर सशस्त्र बलों की सभी आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम है।
